आतंकी उमर के जूते में दिखा ऐसा राज, लाल किला ब्लास्ट केस में चौंकाने वाला सुराग

दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. सुरक्षा एजेंसियों के पुख्ता सूत्रों ने बताया है कि जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी उमर मोहम्मद एक ‘शू बॉम्बर’ हो सकता है. जांच में ऐसे कई सबूत हाथ लगे हैं जो इस दिशा में इशारा करते हैं.

दरअसल ब्लास्ट स्पॉट से बरामद की गई उमर मोहम्मद की i20 कार की ड्राइविंग सीट के नीचे, राइट फ्रंट टायर के पास एक जूता मिला है. जांच में इस जूते से एक मैटल जैसा विस्फोटक सब्सटेंस मिला है, जो धमाका करने में इस्तेमाल हुआ था. ऐसा अब तक की तफ्तीश इशारा कर रही है.

TATP के ट्रेसेस जूते और टायर से भी मिले
जांच टीम को टायर और जूते दोनों से TATP के ट्रेसेस मिले हैं. TATP यानी ट्राइएकिटोन ट्राइपेरोक्साइड वही खतरनाक विस्फोटक है, जिसे दुनिया के कई बड़े आतंकी हमलों में इस्तेमाल किया गया है. इसे शैतान की मां के नाम से भी जाता जाता है.

सूत्रों का दावा है कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बड़े हमले के लिए भारी मात्रा में TATP इकट्ठा कर रहे थे, जिसकी अब पुष्टि हो गई है.

अमोनियम नाइट्रेट और TATP का खतरनाक कॉम्बिनेशन
फॉरेंसिक रिपोर्ट्स के अनुसार, लाल किला धमाके में अमोनियम नाइट्रेट के साथ TATP विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया. दोनों केमिकल के मिश्रण से धमाके की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है.

जांच एजेंसियों को कार के रियर सीट के नीचे के हिस्से में भी विस्फोटक सामग्री के अवशेष मिले हैं. इससे साफ है कि कार में सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि कई पार्ट्स में विस्फोटक छिपाए गए थे.

लेडी डॉक्टर शाहीन के जरिए मॉड्यूल को मिले थे 20 लाख
जांच में यह बात पुख्ता हो गई है कि ब्लास्ट की साजिश के लिए 20 लाख रुपये गिरफ्तार लेडी डॉक्टर शाहीन के जरिए आतंकी मॉड्यूल तक पहुंचाए गए थे. यानी फंडिंग चेन भी अब सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लग चुकी है.

जांच में सामने आया कि उमर मोहम्मद ने वही पैटर्न अपनाया जो दिसंबर 2001 में अमेरिका एयरलाइंस की फ्लाइट में देखा गया था. तब रिचर्ड रीड नाम के ‘शू बॉम्बर’ ने TATP भरे जूतों से ब्लास्ट करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे समय रहते पकड़ा गया था. उमर मोहम्मद ने भी उसी तरह ‘शू बॉम्बर’ बनकर धमाका करने की कोशिश की थी.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लग चुके हैं, और आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल के और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.