पिघल रही बर्फ! ट्रंप ने यूं ही मोदी को अच्छा दोस्त नहीं कहा; पर्दे के पीछे हो रहा बड़ा गेम

India-US Relation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसके बाद से भारत-अमेरिका के रिश्ते में खटास आने लगी थी. पीएम मोदी भी कई मौकों पर ट्रंप का फोनकॉल भी रिजेक्ट कर चुके हैं. SCO समिट में भी चीन, भारत और रूस को एकसाथ मंच पर देखा गया था. इसके बाद से ट्रंप भारत के प्रति थोड़े नरम दिखने लगे हैं. बता दें कि ट्रंप ने हाल ही में भारत को लेकर एक अपने ‘X’ हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार संबंधी वार्तालाप करने की बात कही. पीएम मोदी ने भी ट्रंप के इस पोस्ट का जवाब दिया है. अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रंप की यह नरमी का कारण भारत का चीन-रूस के के साथ बढ़ती नजदीकी है या फिर पर्दे के पीछे कुछ और ही गेम चल रहा है?

पीएम मोदी का पोस्ट
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में भारत-अमेरिका को दोस्त बताया और व्यापार को लेकर ट्रंप से बातचीत करने की बात कही. पीएम ने कहा,’ भारत-अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं. मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी. हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं. मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूं. हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे.’

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
सूत्रों के मुताबिक भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक भारतीय दल अमेरिका वार्ताकारों के साथ व्यापार को लेकर वापस बातचीत शुरू करने के लिए अगले हफ्ते वाशिंगटन जाने वाला है, हालांकि अभी इसकी तारीख तय हो रही है. नई दिल्ली और वाशिंगटन व्यापार वार्ता को पटरी पर लाने के लिए लगातार टेलीफोन के जरिए जुड़े हैं. माना जा रहा है कि ट्रंप और मोदी ने व्यापार समझौते को सुलझाने की जिम्मेदारी उठा ली है, हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह पीएम मोदी से जल्द आने वाले हफ्तों में बातचीत करेंगे. ऐसे में दोनों दोनों नेताओं की यह बातचीत आगामी QUAD शिखर सम्मेलन के लिए शुभ संकेत है.

क्यों पिघल रही बर्फ
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा था,’ मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं. मैं आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे दोस्त, प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उत्सुक हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी.’ ट्रंप के इस पोस्ट से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिकी नेता वापस भारत-अमेरिका के संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी तरह पीएम मोदी भी अपने अधिकारियों को व्यापार समझौते पर आगे बढ़ने का निर्देश दे रहे हैं.

पर्दे के पीछे का बड़ा गेम
दोनों देशों के बीच वापस पटरी लौट रहे व्यापार समझौते को इस बात समझा जा सकता है कि अमेरिका से एक प्रतिनिधिमंडल 17-18 सितंबर 2025 को भारत आ रहा है, जिसका मकसद तकरीबन 3 अरब डॉलर की कीमत के 6 P8I एंटी सबमरीन वॉरफेयर विमानों की कीमतों को लेकर भारत की चिंता को कम करना है. दोनों देश इसी महीने तेजस मार्क 1A फाइटर जेट को पावर देने के लिए 113 GE-404 विमान इंजन खरीदने के समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे. भले ही कुछ अमेरिकी अधिकारी भारत को टारगेट कर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में कड़वाहट पैदा कर रहे हैं, लेकिन फिर भी दोनों देशों के संबंध सकारात्मकता की ओर बढ़ रहे हैं.