Us 15 Points Plan: ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग में जल्द ही युद्धविराम को लेकर अच्छी खबर आ सकती है. अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत चल रही है. इसी को लेकर खबर आई है कि डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान को 15 बिंदुओं वाला सीजफायर प्रस्ताव दिया है. यह जानकारी एक ऐसे सूत्र ने दी है जिसे योजना की जानकारी है. हालांकि, वो अभी सार्वजनिक तौर पर बोलने की इजाजत नहीं. बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुंचाया गया है. पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी की पेशकश भी की है.
वाशिंगटन इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता तलाश रहा है, जो अब अपने चौथे हफ्ते में है और जिसमें कई देश शामिल हो चुके हैं. हालांकि, अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं, यह सब खुलकर सामने नहीं आया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिका के इस प्रस्ताव में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों सहित कई अहम मुद्दों का जिक्र है.
प्रस्ताव में समुद्री सुरक्षा का भी जिक्र- NYT
इजरायल के चैनल 12 ने बताया कि ट्रंप एक महीने के संघर्ष-विराम का प्रस्ताव दे रहे हैं. इस दौरान दोनों पक्ष एक ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे जिसमें ईरान के जरिए अपने यूरेनियम को सौंपने और आगे किसी भी तरह के संवर्धन पर रोक लगाने जैसे मुद्दे शामिल होंगे. इसके अलावा न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि उसने इस दस्तावेज की समीक्षा नहीं की है, लेकिन उसे बताया गया है कि इसमें समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का भी समाधान किया गया है.
ईरान के ऊपर से हट जाएंगी पिछली पाबंदियां
28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से पश्चिमी देशों के जहाजों की आवाजाही को प्रभावी ढंग से सीमित कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं. इस प्रस्ताव में यह बात भी शामिल है कि ईरान होर्मुज से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा. AFP के मुताबिक, इजरायली रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना का पालन करने पर, ईरान पर पहले से लगी पाबंदियां भी हटा दी जाएंगे.
ट्रंप और विटकॉफ से कोई बात नहीं करेंगे-ईरान
दूसरी तरफ ईरान की तरफ से भी सूत्रों के हवाले से CNN ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधियों ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन से कहा कि वे अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ बातचीत फिर से शुरू नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वो अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना पसंद करेंगे.
जेडी वेंस को लेकर ईरान का रुख नर्म क्यों?
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान का मानना है कि विटकॉफ और कुशनर से जुड़ी बातचीत फलदायी नहीं होगी, क्योंकि इजरायल और अमेरिका के जरिए सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले बातचीत टूट जाने के बाद से विश्वास की कमी बनी हुई है. CNN ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विटकॉफ, कुशनर और यहां तक कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो के विपरीत, वेंस को जंगबंदी के प्रति ज्यादा सहानुभूति रखने वाला माना जाता है.