बेंगलुरु में बुलडोजर चलने से दिल्ली तक हड़कंप

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कुछ आवासीय इलाकों में बुलडोजर चलाने का मामला गरमाया हुआ है। कांग्रेस के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से बेंगलुरु के कोगिलु गांव में अवैध निर्माणों के विध्वंस के संबंध में बात की। इस दौरान AICC की गंभीर चिंता व्यक्त की। यह बताया कि ऐसी कार्रवाइयां बहुत अधिक सावधानी और संवेदनशीलता के साथ की जानी चाहिए, जिसमें मानवीय प्रभाव को केंद्र में रखा जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से जुड़ेंगे। शिकायतों के निवारण के लिए उचित व्यवस्था करेंगे और प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास व राहत सुनिश्चित करेंगे।’

इस बीच, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पड़ोसी राज्य के मामलों में हस्तक्षेप न करने की सलाह दी। विजयन ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मुस्लिम आवासीय क्षेत्रों को ध्वस्त किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इस कार्रवाई को चौंकाने वाला और पीड़ादायक बताया था। विजयन ने फेसबुक पोस्ट में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट को बुलडोजर से गिराए जाने का जिक्र किया, जहां मुस्लिम परिवार कई वर्षों से रह रहे थे।

डिप्टी सीएम शिवकुमार ने क्या कहा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार ने इस पर कहा, ‘यह सब एक राजनीतिक बयानबाजी है। तथ्यों को जाने बिना पिनराई विजयन को हमारे राज्य के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। ये सब चुनाव के समय की राजनीतिक चालें हैं।’ उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विजयन जैसे वरिष्ठ नेता ने बेंगलुरु में मुद्दों के तथ्यों को जाने बिना इस मामले पर टिप्पणी की।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। यह कचरा फेंके जाने की जगह है। यह एक पत्थर की खदान थी। यह बहुत खतरनाक जगह है। यहां स्वास्थ्य संबंधी कई खतरे हैं और उन्होंने अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की। यह भूमि हड़पना है। हमारी सरकार और स्थानीय विधायक ने कहा है कि यह बहुत खतरनाक है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार मानवता आधारित दृष्टिकोण अपनाती है और पात्र लोगों को नियमों के अनुसार वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराएगी।