महाप्रलय के समय भी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे ये चुनिंदा लोग, आग-पानी-भूचाल भी नहीं कर पाएगा बाल बांका, आखिर क्‍यों?

Mahapralaya Predictions : कलियुग चल रहा है और फिर घोर कलियुग आएगा और फिर कलियुग भी खत्‍म हो जाएगा. इसके बाद फिर से सतयुग शुरू होगा और एक बार फिर युगों का नया चक्र शुरू हो जाएगा. भविष्‍य मालिका ग्रंथ में की गई भविष्‍यवाणियों के अनुसार जब कलियुग के अंत में जो महाविनाश होगा, उसमें कुछ लोग बच जाएंगे. ये बेहद खास लोग होंगे. जिन पर विनाश के दौरान आई भीषण बाढ़, तूफान और भूकंप आदि आपदाओं का भी असर नहीं होगा. ऐसा कैसे संभव हो पाएगा, जानिए.

अंधेरे में डूब जाएगी धरती
भविष्य मालिका के अनुसार कलियुग के अंत में 7 दिन तक सूर्य उदित रहेगा और फिर 7 दिन तक घना अंधेरा रहेगा. ये अंधेरा इतना घना होगा कि लोगों को कुछ दिखाई नहीं देगा. बिजली के उपकरण काम नहीं करेंगे. तभी भगवान कल्कि का अवतार होगा. इस समय जो महाविनाश होगा, उसमें पृथ्‍वी के सारे प्राणी मर जाएंगे, केवल कुछ ही बाकी बचेंगे. यहां तक कि सूर्य और चंद्रमा भी नष्‍ट हो जाएंगे और फिर सृजन के समय नए सूर्य व चंद्रमा अस्तित्‍व में आएंगे.

भयंकर बाढ़ आएगी, जो सब कुछ जलमग्‍न कर देगी. धरती से अन्‍न खत्‍म हो जाएगा. लोग एक-दूसरे को मारकर खाएंगे या भूख से मर जाएंगे. जंगली जानवर लोगों के घरों में घुस जाएंगे. इस महाविनाश में असंख्‍य लोग मर जाएंगे.

भगवान के भक्‍त बचेंगे जिंदा
इस महरविनाश में केवल वे लोग ही सुरक्षित बच पाएंगे जो प्रभु के सच्चे भक्त होंगे. भगवान उनकी रक्षा करेंगे. भगवान अपने इन भक्‍तों को एक ही स्थान पर एकत्रित करेंगे जहां वे नाम जप करेंगे और भक्तिभाव से प्रभु का कीर्तन करते हुए समय व्यतीत करेंगे. इन लोगों पर विनाश का कोई असर नहीं होगा.

इतना ही नहीं जब भयंकर अंधेरे में बाकी लोगों को कुछ नजर नहीं आएगा तक निर्मुली की जड़ से तैयार किया गया विशेष अंजन लगाकर भगवान के भक्‍त सब कुछ स्‍पष्‍ट देख सकेंगे. साथ ही भूख-प्‍यास से बचाने के लिए भगवान कल्कि अपने भक्तों को ‘गोखर’ नामक एक विशेष पत्ता प्रदान करेंगे, जिसे खाने से न उन्हें कई महीनों तक भूख लगेगी और न ही प्यास. वे स्वस्थ भी रहेंगे.

ये काम करने वालों की बचेगी जान
भविष्‍यमालिका में बताया गया है कि महाविनाश के समय जिन लोगों की जान बचेगी, उनमें कुछ खासियतें होंगी.

– ये लोग मांस, मदिरा और सभी प्रकार के नशे एवं व्यसनों से मुक्‍त होंगे.
– ये लोग नियमित रूप से त्रिकाल संध्या करने वाले होंगे.
– साथ ही श्रीमद्भागवत महापुराण का नित्य पाठ करने वाले और मन में भगवान का नाम जपने वाले होंगे.
– उनमें सच बोलने, दया करने, प्रेम करने, दया करने और क्षमा करने जैसे गुण होंगे.