Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि भारत अपने देश में रूसी तेल के आयात को पूरी तरह कम कर रहा है क्योंकि उन्होंने मास्को की तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. ‘ब्लूमबर्ग’ की रिपोर्ट के मुताबिक साउथ कोरिया में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी होने वाली बैठक से पहले ट्रंप ने पूर्ण समझौते की उम्मीद जताई है.
ट्रंप का दावा
बता दें कि ट्रंप की यह यात्रा अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी और कच्चे माल पर प्रतिबंधों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हो रही है, जिससे दोनों देशों पर एक समझौते पर पहुंचने का दबाव बढ़ रहा है, जिससे चल रहे ट्रेड वॉर पर विराम लग सके. ट्रंप ने चीन के साथ रूसी तेल की खरीद को लेकर चर्चा करने की बात पर कहा,’ मैं इस पर चर्चा कर सकता हूं, लेकिन आप जानते हैं कि चीन रूसी तेल की खरीद में काफी कटौती कर रहा है और भारत पूरी तरह से कटौती कर रहा है और हमने प्रतिबंध भी लगा दिए हैं.’
किसानों पर क्या कहा?
भारत लगातार ट्रंप के इन दावों को खारिज करते आया है. नई दिल्ली का कहना है कि उसकी प्राथमिकता राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है. ट्रंप एग्रीकल्चर ट्रेड और प्रोडक्शन में उपयुक्त घटकों के निर्यात में चीन की भूमिका पर भी चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा,’ मैं चाहता हूं कि हमारे किसानों का ध्यान रखा जाए और वह भी यही चाहते हैं.’ उन्होंने आगे कहा,’ इसके अलावा हम फेंटेनाइल के बारे में बात करने जा रहे हैं. यह बहुत से लोगों की जान ले रहा है. बहुत से लोग. यह चीन से आता है.’
ट्रंप के झूठे दावे
बता दें कि ट्रंप का यह पहला दावा नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि भारत इस साल के अंत तक रूसी तेल आयात में कटौती करेगा, हालांकि उन्होंने कहा था कि यह एक ग्रेजुअल प्रोसेस है.
उन्होंने कहा,’ जैसा कि आप जानते हैं भारत ने मुझसे कहा है कि वे इसे बंद करने जा रहे हैं. यह एक प्रक्रिया है. आप इसे (रूस से तेल खरीदना) यूं ही बंद नहीं कर सकते. साल के अंत तक उनके पास लगभग शून्य तेल रह जाएगा. लगभग 40 प्रतिशत तेल ही बचेगा.’