Delhi News: दिल्ली में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर सियासत तेज हो गई है. इसी मुद्दे को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब तक आवारा कुत्ते दो-चार वीआईपी लोगों को नहीं काटेंगे, तब तक इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कानून नहीं बनेगा.
आखिर सरकारें क्यों है मौन?
विजय गोयल ने जानकारी दी कि वे 28 सितंबर को इंटरनेशनल रेबीज डे के दिन जंतर मंतर पर धरना देने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि गली-गली में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग कुत्तों के डर से जी रहे हैं, रोजाना हादसे हो रहे हैं, लेकिन सरकारें मौन हैं. गोयल ने साफ कहा कि जनता की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता जब आम नागरिकों की जान खतरे में है, तो सरकारों को सिर्फ फाइलों में जवाब नहीं देना चाहिए, बल्कि जमीन पर ठोस कदम उठाने चाहिए.
जनता की आवाज उठाने पर बोले विजय गोयल ने
इससे पहले विजय गोयल आनंद विहार के विज्ञान लोक स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम में पहुंचे. यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की असली ताकत उसकी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति का मकसद सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि सेवा करना होना चाहिए. गोयल ने अपने संबोधन में राष्ट्रवाद पर भी जोर दिया और कार्यकर्ताओं से जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की अपील की.
28 सितंबर को विजय गोयल करेगें प्रदर्शन
अब सबकी नजरें 28 सितंबर को होने वाले इस धरने पर टिकी हैं, जहां विजय गोयल सरकार से आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे.