भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक रिश्ते अच्छे रहे हैं और दोनों देशों के बीच डिफेंस से लेकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र तक समझौते भी होते हैं. इस वक्त भी जर्मनी की नई सरकार बनने के बाद वहां के विदेश मंत्री जोहन वेडपूल भारत के पहले दौरे पर आए हुए हैं. उन्होंने बेंगलुरू में भारत की वैज्ञानिक प्रगति के उदाहरण देखे और अब वे नई दिल्ली में हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद दोनों ने संयुक्त बयान भी दिया.
जब दोनों नेताओं ने अपनी बात कहने के बाद पत्रकारों को सवाल के लिए आमंत्रित किया, तो शुरुआती सवालों के जवाब तो दोनों नेताओं ने मिलकर दिए. हालांकि इसके बाद एक सवाल ऐसा आया कि जर्मनी के विदेश मंत्री इससे असहज नजर आए. दिलचस्प ये रहा कि सवाल सुनकर भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर मुस्कुराते नजर आए लेकिन जोहान वेडपूल की बॉडी लैंग्वेज जरा बदल गई.
किस सवाल पर सूखा जर्मन विदेश मंत्री का गला ?
दरअसल पत्रकार वार्ता के दौरान एक पत्रकार ने दोनों नेताओं से सवाल पूछते हुए कहा कि ‘रूस-यूक्रेन युद्ध को देखते हुए अमेरिका की ओर से सभी देशों पर टैरिफ लगाकर इसे युद्ध रुकवाने का साधन बनाया जा रहा है. भारत पर भी ऐसे गलत तरीके से गलत टैरिफ लगाए गए हैं, इसे लेकर शायद आप दोनों के बीच चर्चा भी हुई होगी, तो आप इस पर क्या कहना चाहेंगे?’ सवाल का पहला हिस्सा तो दोनों नेताओं ने ध्यान से सुना लेकिन भारत पर टैरिफ वाली बात आते ही विदेश मंत्री जयशंकर जहां मुस्कुरा पड़े, वहीं वेडपूल ने पानी का ग्लास उठा लिया.
वैसे तो दोनों विदेश मंत्रियों ने सभी सवालों का बारी-बारी से जवाब दिया था लेकिन इस सवाल के जवाब में जयशंकर जहां मुस्कुराकर रह गए वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री की हालत देखते हुए सवाल को छोड़ दिया गया. सवाल पूरा हुआ लेकिन इसका जवाब किसी ने नहीं दिया और वार्ता अगले सवाल की ओर बढ़ गई. चूंकि जर्मनी यूरोपियन यूनियन का हिस्सा है और ट्रंप के लगाए गए टैरिफ के बारे में उसे भी पता है, ऐसे में भारत के साथ व्यापारिक समझौते करते हुए वे किसी विवाद में फंसना नहीं चाहते थे.