कौन है रहमानुल्लाह लकनवाल? व्हाइट हाउस के पास जिसने मचाया गोलियों से तांडव

White House Shooting News: अमेरिका में बुधवार सुबह वॉशिंगटन डीसी के मेट्रो स्टेशन के पास उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक शख्स ने अचानक दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. ये दोनों सैनिक वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के थे और ड्यूटी पर तैनात थे. हमला व्हाइट हाउस से सिर्फ दो ब्लॉक दूर हुआ. दोनों सैनिकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.

हमलावर कौन निकला?
पुलिस ने हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया. उसकी पहचान अफगानिस्तान के रहने वाले रहमानुल्लाह लकानवाल के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वो सितंबर 2021 में अमेरिका आया था, यानी बाइडेन प्रशासन के समय अफगान शरणार्थियों को दी गई विशेष छूट के तहत. हमलावर को गोली भी लगी, लेकिन जान को खतरा नहीं है.

कौन है रहमानुल्लाह लकानवाल?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रहमानुल्लाह लकानवाल जिसकी उम्र 29 साल है. अफगानिस्तान का एक साधारण सा दिखने वाला शख्स के पीछे एक लंबी कहानी है. वो अफगान आर्मी में 10 साल तक रहा, जहां अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ा. 2021 में, जब अमेरिका अफगानिस्तान से पीछे हट रहा था, बाइडेन सरकार ने ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ प्रोग्राम शुरू किया. इस तहत उन अफगानों को अमेरिका लाया गया जो यूएस आर्मी के साथ काम कर चुके थे और तालिबान के खतरे में थे. लकानवाल भी इन्हीं में से एक था. सितंबर 2021 में वो वॉशिंगटन डलस एयरपोर्ट से अमेरिका पहुंचा.

‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ के जरिए अमेरिका में पहुंचा रहमानुल्‍लाह
दिसंबर 2024 में उसने शरण की अर्जी दी, जो अप्रैल 2025 में मंजूर हो गई. लेकिन उसकी वीजा वैलिडिटी सितंबर 2025 में खत्म हो गई, यानी वो अवैध रूप से रह रहा था. आखिरी पता वॉशिंगटन स्टेट के बेलिंगहैम शहर का था. एक रिश्तेदार ने बताया कि उसके पत्नी और पांच बेटे हैं. कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं, लेकिन अब ये हमला सब सवाल खड़े कर रहा है. एक रिश्तेदार ने NBC को बताया कि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वह ऐसा कर सकता है.” शूटिंग का कोई मकसद पता नहीं चला है, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि इसे टारगेट किया गया था और इसे “घात लगाकर किया गया हमला” बताया है.

ट्रंप का आगबबूला बयान, क्यों फूटा गुस्सा?
फ्लोरिडा के पाम बीच से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो मैसेज जारी कर इसे ‘आतंक का कृत्य’, ‘ईश्वर की नजर में अपराध’ और ‘नफरत का हमला’ करार दिया है. उन्होंने अफगानिस्तान को ‘धरती का नरक’ कहा और बाइडेन के समय आए हर अफगान शरणार्थी की ‘री-एग्जामिनेशन’ का ऐलान किया है. ट्रंप बोले, “ये लोग जो हमारे देश से प्यार नहीं करते, उन्हें यहां बर्दाश्त नहीं. हर एक एलियन को जांचा जाएगा.” ट्रंप ने आगे कहा, “हमें किसी भी देश से आए ऐसे किसी भी एलियन को हटाने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने चाहिए जो यहां का नहीं है या हमारे देश को कोई फ़ायदा नहीं पहुंचाता है, अगर वे हमारे देश से प्यार नहीं कर सकते, तो हम उन्हें नहीं चाहते.” कई राज्य और केंद्र के नेताओं ने भी हिंसा की निंदा करते हुए बयान जारी किए हैं और जवाबदेही की मांग की है.

डीसी में सुरक्षा और सख्त
हमले के बाद वॉशिंगटन डीसी में 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड सैनिक तैनात कर दिए गए. पहले से 2200 सैनिक मौजूद थे. पूरा इलाका सील कर दिया गया. उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने घायल सैनिकों के लिए प्रार्थना की अपील की है. नेशनल गार्ड के चीफ जनरल स्टीवन नॉर्डहॉस ने ग्वांतानामो बे का थैंक्सगिविंग प्रोग्राम कैंसिल कर डीसी पहुंच गए हैं.