आसमान में ये लाल रंग की लाइनें क्यों दिखाई दे रहीं? लोग बोले- कहीं एलियन्स तो नहीं…

Rare Red Sprites Flash Across Tibets Night Sky: तिब्बत के ऊंचे पहाड़ी इलाकों के आसमान में हाल ही में एक ऐसा दुर्लभ नजारा देखने को मिला, जिसने वैज्ञानिकों से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तक सभी को हैरान कर दिया. रात के अंधेरे में बादलों के ऊपर अचानक लाल रंग की विशाल चमकती हुई आकृतियां दिखाई दीं, जिन्हें देखकर कई लोगों को लगा मानो आसमान में कोई रहस्यमयी घटना घट रही हो. इस अनोखे दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

वीडियो में लाल रंग की चमकदार लपटें बेहद अनोखी आकृति में आसमान की तरफ उठती हुई दिखाई दे रही हैं. पहली नजर में यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म का दृश्य लगता है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक घटना है. इसे रेड स्प्राइट्स (Red Sprites) कहा जाता है, जो दुनिया की सबसे दुर्लभ वायुमंडलीय विद्युत घटनाओं में से एक मानी जाती है. इस अद्भुत दृश्य को देखकर इंटरनेट पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं. किसी ने इसे उल्टी बिजली कहा, तो किसी ने मशहूर वेब सीरीज स्ट्रेंजर थिंग्स की काल्पनिक दुनिया से इसकी तुलना कर डाली. कई लोग तो इसे एलियन तक बताने लगे.

आखिर क्या हैं रेड स्प्राइट्स?
आम तौर पर जब हम बिजली गिरने की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में बादलों से धरती की ओर चमकती बिजली की तस्वीर आती है. लेकिन रेड स्प्राइट्स इससे बिल्कुल अलग होते हैं. ये बिजली की तरह नीचे नहीं, बल्कि ऊपर की तरफ दिखाई देते हैं. रेड स्प्राइट्स धरती से लगभग 50 से 90 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुमंडल की ऊपरी परत में बनते हैं. इनका आकार कभी जेलीफिश जैसा तो कभी पेड़ की शाखाओं जैसा दिखाई देता है. सबसे खास बात यह है कि ये केवल कुछ मिलीसेकंड के लिए ही दिखाई देते हैं. इसी वजह से इन्हें कैमरे में कैद करना बेहद मुश्किल माना जाता है.

क्यों चमकती है लाल रोशनी?
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब किसी शक्तिशाली तूफान के दौरान बादलों में बहुत बड़ा इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज होता है, तब उसकी ऊर्जा वायुमंडल की ऊपरी परत तक पहुंच जाती है. वहां मौजूद नाइट्रोजन गैस के अणु इस ऊर्जा से उत्तेजित हो जाते हैं और लाल रंग की चमक पैदा करते हैं. यही वजह है कि रेड स्प्राइट्स का रंग लाल दिखाई देता है. यह दृश्य किसी विशाल नीयॉन लाइट की तरह चमकता है और कुछ ही पल में गायब हो जाता है.

पहले लोग क्या सोचते होंगे?
आज विज्ञान के पास इस घटना का स्पष्ट जवाब है, लेकिन सदियों पहले अगर किसी ने ऐसा दृश्य देखा होता, तो शायद वह इसे देवताओं का संदेश या किसी बड़े संकट का संकेत मान बैठता. सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इसी बात का जिक्र किया है. एक यूजर ने लिखा कि अगर पुराने समय में यह दृश्य दिखाई देता, तो लोग इसे दुनिया के अंत का संकेत समझ लेते. वहीं, दूसरे यूजर ने मजाक में कहा कि ऐसा नजारा देखकर पुराने जमाने में किसी की बलि चढ़ा दी जाती. दरअसल, इतिहास में कई बार दुर्लभ प्राकृतिक घटनाओं को धार्मिक या अलौकिक घटनाओं से जोड़कर देखा जाता रहा है.

तिब्बत में क्यों खास माना जाता है यह दृश्य?
तिब्बत दुनिया के सबसे ऊंचे पठारी क्षेत्रों में गिना जाता है. यहां का साफ वातावरण और कम प्रकाश प्रदूषण आसमान को देखने के लिए आदर्श परिस्थितियां पैदा करता है. यही वजह है कि तूफानों के दौरान यहां रेड स्प्राइट्स जैसी दुर्लभ घटनाओं को देखने और रिकॉर्ड करने की संभावना बढ़ जाती है. मौसम वैज्ञानिक और स्टॉर्म चेजर्स ऐसे दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए अक्सर घंटों इंतजार करते हैं. साफ आसमान और दूर कहीं चल रहा शक्तिशाली तूफान रेड स्प्राइट्स देखने की सबसे उपयुक्त स्थिति मानी जाती है.

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
रेड स्प्राइट्स का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लाखों लोग इसे देख चुके हैं. कई यूजर्स ने इसे एलियन सिग्नल बताया, तो कुछ ने कहा कि यह धरती के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक चमत्कारों में से एक है. कुछ लोगों ने इसे अपसाइड डाउन लाइटनिंग का नाम दिया, क्योंकि यह सामान्य बिजली के बिल्कुल उलट दिशा में दिखाई देती है.