Trump thanks Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान में सैकड़ों राजनीतिक कैदियों की फांसी रोकने के फैसले की सराहना करना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस और सोशल मीडिया के माध्यम से ईरानी नेतृत्व को ‘धन्यवाद’ देते हुए कहा कि 800 से अधिक लोगों की जान बचाना एक सम्मानजनक कार्य है।
यह बयान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। राष्ट्रपति का यह नरम रुख दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और कूटनीतिक बातचीत के नए रास्ते खोलने की संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है।
ट्रंप का बदला हुआ अंदाज
डोनाल्ड ट्रंप आमतौर पर ईरान के खिलाफ सख्त बातें करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने ‘शुक्रिया’ बोलकर सबको चौंका दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि 800 से ज्यादा लोगों की फांसी टलना एक अच्छी बात है। ट्रंप का यह नरम व्यवहार दिखाता है कि वह अब लड़ाई-झगड़े के बजाय बातचीत या शांति से मामला सुलझाना चाहते हैं।
800 लोगों की फांसी रुकी
ईरान में काफी समय से विरोध प्रदर्शन चल रहे थे, जिसके बाद वहां की सरकार कई लोगों को फांसी देने वाली थी। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी नजर इस पूरी बात पर थी। जब ईरान ने फांसी रोकने का फैसला लिया, तो ट्रंप ने तुरंत इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतने सारे लोगों की जान बचाना एक बड़ा और सही कदम है।
US-Iran Tension: हमले का खतरा टला
कुछ दिन पहले तक ऐसा लग रहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ सकता है। ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर ईरान ने अपने ही लोगों का कत्ल किया, तो अमेरिकी सेना चुप नहीं बैठेगी। लेकिन अब जब ईरान ने फांसी रद्द कर दी है, तो ट्रंप के बयान से लगता है कि युद्ध या हमले का खतरा फिलहाल टल गया है।
ट्रंप की इस तारीफ से दोनों देशों के बीच कड़वाहट थोड़ी कम हो सकती है। जहां पहले दोनों देश एक-दूसरे को धमकियां दे रहे थे, अब वहां ‘थैंक यू’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। इससे उम्मीद जगती है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधर सकते हैं और मध्य पूर्व के इलाके में शांति बनी रह सकती है।