राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक भीषण अग्निकांड ने हड़कंप मचा दिया। मोहलाड़िया गांव स्थित बिछपुरी रोड पर एक कबाड़ गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया।
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक भीषण अग्निकांड ने हड़कंप मचा दिया। मोहलाड़िया गांव स्थित बिछपुरी रोड पर एक कबाड़ गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें एक सात वर्षीय बच्ची और तीन मजदूर शामिल हैं। देर रात तक शवों को नीमराना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
प्लास्टिक फैक्ट्री तक फैली लपटें मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, गोदाम में बड़ी मात्रा में पुराने परफ्यूम की बोतलें और अन्य ज्वलनशील कबाड़ रखा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैल गई। इसी परिसर में एक प्लास्टिक ग्रेन्यूल फैक्ट्री भी संचालित होती है, जहां तक आग की लपटें पहुंच गईं। आग के दौरान फैक्ट्री में धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
बच्चों की मौजूदगी ने हादसे को बनाया और दर्दनाक हादसे के समय मजदूरों के बच्चे भी गोदाम परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान आग भड़कने से भगदड़ मच गई और सात वर्षीय एक बच्ची इसकी चपेट में आ गई, जिसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।
गेट पर फंसे ट्रक ने रोका रास्ता, बच नहीं सके मजदूर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगते ही मजदूर जान बचाने के लिए मुख्य गेट की ओर भागे, लेकिन वहां एक ट्रक फंसा हुआ था, जिसने रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। मजदूरों ने दूसरी ओर फैक्ट्री की दीवार चढ़कर निकलने की कोशिश की, लेकिन ऊंचाई के कारण वे सफल नहीं हो सके और आग की चपेट में आ गए।
6 दमकलों ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही SDRF और FSL की टीमों के साथ जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया। कलेक्टर अर्पणा गुप्ता, एसपी सतवीर सिंह, एएसपी सुरेश खींची और अन्य अधिकारी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे। नीमराना, जापानी जोन और घीलोठ फायर स्टेशन की करीब 6 दमकलों ने लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
डीएनए से होगी पुष्टि प्रशासन के अनुसार, शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे मृतकों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में डीएनए सैंपल लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना के समय गोदाम में कुल कितने मजदूर मौजूद थे।
मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के वक्त कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे और कुछ अब भी फंसे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोदाम और फैक्ट्री में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे। इसी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई और समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच शुरू, प्रशासन सख्त प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।