भजनलाल शर्मा पहुंचे दिल्ली, मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं तेज, ये नाम चर्चा में

जयपुर: राजस्थान की सियासत में पिछले लंबे समय से जिस घड़ी का इंतजार था, वह अब खत्म होने वाली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आज दिल्ली दौरा और केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकातों ने राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है। बुधवार सुबह जब सीएम सांगानेर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए, तभी से सियासी गलियारों में चर्चा है कि 6 खाली पदों को भरने का ‘फाइनल ब्लूप्रिंट’ तैयार हो चुका है।

दिल्ली में मनोहर लाल और सी.आर. पाटिल से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात की। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह बैठक पेयजल और ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा के लिए थी, लेकिन सूत्रों की मानें तो इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित नामों पर भी हाईकमान के साथ गहन मंथन हुआ है।

6 कुर्सियां खाली, कतार में कई दिग्गज
राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या के अनुसार अधिकतम 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित कुल 24 मंत्री हैं, यानी 6 पद अभी भी रिक्त हैं। ऐसे में सरकार अपनी टीम को ‘फुल स्ट्रेंथ’ में लाना चाहती है।

इन संभावित चेहरों पर टिकी हैं निगाहें
मंत्रिमंडल विस्तार में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए बीजेपी कुछ नए और कुछ अनुभवी चेहरों को मौका दे सकती है। चर्चाओं में ये नाम सबसे आगे चल रहे हैं-
शत्रुघ्न गौतम: केकड़ी से विधायक, जो अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं।
पुष्पेंद्र सिंह बाली: मारवाड़ क्षेत्र से बड़ा चेहरा और अनुभवी विधायक।
दीप्ति माहेश्वरी: राजसमंद से विधायक, महिला कोटे और युवा चेहरे के रूप में प्रबल दावेदार।
अजय सिंह किलक/भैराराम सियोल: जाट बेल्ट को साधने के लिए इनमें से किसी एक को मौका मिल सकता है।
कुलदीप धनकड़: जयपुर जिले के समीकरणों को देखते हुए इन्हें भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

पड़ोसी राज्यों में हो चुका विस्तार, अब राजस्थान की बारी
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने जुलाई 2024 में और छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने अगस्त 2023 में ही विस्तार कर लिया था। राजस्थान में नवंबर 2023 के चुनाव के बाद से ही एक बार भी विस्तार नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि इस बार न केवल खाली पद भरे जाएंगे, बल्कि कुछ वर्तमान मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है ताकि सरकार की डिलीवरी को और तेज किया जा सके।