राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव पर हो गया फैसला, शेड्यूल से लेकर आरक्षण की लॉटरी

जयपुर: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है। लंबे समय से जिन तारीखों का इंतजार था। वह इंतजार भी अब खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में एफिडेविट पेश करते हुए चुनाव प्रक्रिया का पूरा प्लान बता दिया है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद की ओर से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा शपथ पत्र हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया।

जानिए कब होंगे निकाय और पंचायत चुनाव
राज्य सरकार की ओर से जो शपथ पत्र हाईकोर्ट में पेश किया गया है। उसके मुताबिक 5 अगस्त को ओबीसी आयोग को संपूर्ण डाटा दे दिया जाएगा। यानी अलग अलग वर्ग का डाटा आयोग को सौंप दिया जाएगा। 15 अगस्त तक आरक्षण व्यवस्था की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी और 15 नवंबर तक पंचायत और निकाय चुनाव पूरे कराए जाने की बात कही गई है।

चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी करेगा राज्य निर्वाचन आयोग
राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र पेश करके निकाय और पंचायत चुनाव के बारे में जानकारी दे दी गई है। अब आगे का कार्य राज्य निर्वाचन आयोग का है। चुनाव का पूरा शेड्यूल राज्य निर्वाचन आयोग आगामी दिनों में जारी करेगा। यानी अधिसूचना जारी होना, नामांकन की तारीख, नामांकन जांच, वापसी की तारीख, मतदान और मतगणना की पूरी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी की जाएगी।

चुनाव का रास्ता हुआ साफ
राज्य के 7 हजार से ज्यादा पंचायत और निकायों के चुनाव लंबे समय से अटके हुए थे। इसे लेकर चौमू निवासी गिरिराज सिंह देवंदा की ओर से याचिका दाखिल की गई थी। उनकी ओर से एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा और अभिषेक देवंदा ने लगातार हाईकोर्ट में पैरवी की। एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा ने बताया कि हाईकोर्ट दो बार चुनाव कराने के आदेश दे चुका है। पूर्व में 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने का आदेश दिया था और बाद में 31 जुलाई तक चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए थे। इन दोनों तारीखों तक चुनाव नहीं कराए जाने से हाईकोर्ट ने काफी नाराजगी जाहिर की थी।