जयपुर: राजस्थान की सियासत में ‘साढू भाई’ का जुमला अब इतिहास बन चुका है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बीच की राजनीतिक जंग अब मर्यादा की दीवारें लांघकर बेहद निजी और तीखे हमलों के ‘दंगल’ में तब्दील हो गई है। किरोड़ी लाल की ओर से डोटासरा के परिवार पर फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए प्रशासनिक पदों पर काबिज होने के आरोपों के बाद, डोटासरा ने ऐसा पलटवार किया है जिसने राजस्थान के सियासी पारे को उबाल पर ला दिया है।
‘गहलोत के पैरों में गिर गए थे किरोड़ी’
डोटासरा ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किरोड़ी लाल मीणा की ‘कट्टर ईमानदार’ और ‘बागी’ वाली छवि पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार का एक ऐसा वाकया सुनाया जिसने सनसनी फैला दी। डोटासरा ने दावा किया-
पिछली सरकार में किरोड़ी लाल मीणा मेरे साथ तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत के पास गए थे। मुलाकात के 15 मिनट बाद जब गहलोत बाहर निकले, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि इसको क्यों साथ लाए हो? जब मैंने वजह पूछी तो गहलोत साहब ने कहा कि यह अंदर मेरे पैरों में बैठ गया था और रोते हुए कह रहा था कि मेरे ऊपर से सारे मुकदमे हटा लीजिए।
गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
डोटासरा यहीं नहीं रुके, उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में किरोड़ी लाल मीणा को चेतावनी देते हुए कहा, ‘जो आदमी गहलोत के पैरों में पड़कर मुकदमे हटाने की भीख मांग रहा था, वो आज हम पर उंगली उठा रहा है? शर्म आनी चाहिए। किसी को इतना मत छेड़ो कि तुम्हारा बुढ़ापा खराब हो जाए।’
किरोड़ी बोले- ‘कहानियां मत गढ़ो, 5 साल के पाप नहीं धुलेंगे’
डोटासरा के इस ‘पैर पकड़ने’ वाले बयान पर ‘बाबा’ यानी डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी उतनी ही आक्रामकता से पलटवार किया। उन्होंने डोटासरा के दावों को कोरी मनगढ़ंत कहानी और फरेब करार दिया। किरोड़ी लाल ने कहा कि डोटासरा चाहे जितनी कहानियां गढ़ लें और भ्रम फैला लें, लेकिन इससे उनके पिछले 5 साल के कुशासन और पाप नहीं धुल सकते। उन्होंने युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए डोटासरा को घेरा।
जिन लोगों ने भ्रष्टाचार और साजिशों से प्रदेश के लाखों युवाओं के सपनों को कुचला, योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार छीने, वे आज भी सत्य से मुंह मोड़ रहे हैं। झूठ परोसने से जनता का ध्यान आपके पापों से नहीं भटकेगा। डोटासरा जी, इधर-उधर की झूठी कहानियां मत गढ़ो और जरा छात्रों को यह बताओ कि आपने अपने परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी (RAS) बनाने के लिए कौन-कौन से पाप और कुकृत्य किए थे?
किरोड़ी लाल मीणा, बीजेपी मंत्री
‘साढू भाई’ से ‘पैरों में गिरने’ तक पहुंचा दंगल
राजस्थान की राजनीति को करीब से देखने वाले जानते हैं कि कुछ दिनों पहले तक ये दोनों दिग्गज नेता एक-दूसरे को ‘साढू भाई’ कहकर विधानसभा में ठहाके लगाते थे। लेकिन आज उनके बीच की जंग ‘पैरों में गिरने’ और ‘बुढ़ापा खराब करने’ जैसी बेहद व्यक्तिगत और तीखे हमलों तक आ पहुंची है। डोटासरा जहां किरोड़ी लाल की राजनीतिक साख को चोट पहुंचाने के लिए उनके पुराने मुकदमों का हवाला दे रहे हैं, वहीं किरोड़ी लाल सीधे डोटासरा के परिवार के सदस्यों की नियुक्तियों को ‘पाप’ बताकर युवाओं की नाराजगी को हवा दे रहे हैं। वार-पलटवार का यह खेल यह साफ करता है कि राजस्थान में आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और ज्यादा हिंसक होने वाली है।