जयपुर: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार की कार्यवाही शुरू होते ही पंचायती राज चुनावों को लेकर उठाए गए सवालों पर हंगामा शुरू हो गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा सत्र के दौरान पंचायती राज चुनावों को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पंचायती राज मंत्री के बयान को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए चुनाव में देरी पर सवाल उठाए.
डोटासरा ने मंत्री हालिया चर्चित बयान का जिक्र करते हुए तंज वाले अंदाज में पूछा ये फैसला कौन सा दूध पीकर लिया गाय का या भैंस का दूध? आरोप लगाया कि सरकार तय समय पर पंचायती राज चुनाव करवाने में विफल रही है. केंद्र की ओर से लगभग 3000 करोड़ रुपये रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रही है. कहा सरकार पंचायती राज चुनाव में संभावित हार के डर से बौखलाई हुई है.
डोटासरा ने दावा किया कि चुनाव होते ही सरकार का सूपड़ा साफ हो जाएगा. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को लेकर भी सरकार पर बहाना बनाने की तैयारी का आरोप. कहा सरकार अक्टूबर-नवंबर तक समय मांगने की भूमिका बना रही है. गृह राज्य मंत्री पर पूर्व सांसद के कथित वीडियो को एआई जनरेटेड बताने को लेकर निशाना. आरोप लगाया कि सरकार अपराध के मामलों पर सदन में चर्चा से बच रही है. कहा पिछली बार भी गृह मामलों पर चर्चा नहीं करवाई गई और इस बार भी टालमटोल जारी है. मुख्यमंत्री पर सदन में प्रभावी जवाब देने में असमर्थ होने का आरोप लगाया.
बीकानेर में सेन समाज की नाबालिग 8वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया. कहा सरकार गंभीर आपराधिक मामलों पर जवाब देने से बच रही है. आरोप लगाया कि सरकार केवल अनर्गल आरोप और चर्चा में समय बिता रही है. घोषणा की कि विधानसभा में अप्रोप्रियेशन बिल के दौरान नेता प्रतिपक्ष यह मुद्दा उठाएंगे. मांग दोहराई कि पंचायती राज और नगरी निकाय चुनाव हर हाल में समय पर करवाए जाएं. कहा चुनाव में देरी आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात है.
डोटासरा ने धीरेंद्र शास्त्री को दी नसीहत
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हिंदुओं की आबादी बढ़ाने वाले बयान पर डोटासरा ने सवाल उठाया. धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कहा कि संत का काम लोगों को अच्छी शिक्षा देने का काम होना चाहिए, चार संतान की बात करना और बीजेपी की B टीम बनकर काम कर रहे हैं.
बता दें कि मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने चादर चढ़ाने की परंपरा पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘अगर हिंदुओं को इतना ही चादर चढ़ाने का शौक है तो पुष्कर आकर पिंडदान करें, उनका बेड़ापार हो जाएगा.’ इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं को अपनी आबादी बढ़ाने की बात कही. उनके इस बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है.