झालावाड़ : राजस्थान के झालावाड़ जिले में पुलिस महकमे की साख और अनुशासन को बनाए रखने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है. जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने भालता थाने में पदस्थापित कांस्टेबल अशोक बिश्नोई को राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया है. यह कार्रवाई उनके विवाह समारोह में तस्करों और सक्रिय अपराधियों की उपस्थिति के आरोपों के पुष्ट होने के बाद की गई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार कांस्टेबल अशोक बिश्नोई का विवाह समारोह 1 और 2 फरवरी 2026 को नागौर में आयोजित हुआ था. इस दौरान एक गोपनीय परिवाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय को प्राप्त हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि समारोह में झालावाड़ और मध्यप्रदेश के कई कुख्यात तस्कर एवं सक्रिय अपराधी शामिल हुए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीओ पिड़ावा को सौंपी गई.
शादी में 8 अपराधी, बर्खास्तगी
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और अन्य प्रमाणों के आधार पर यह तथ्य स्थापित हुआ कि विवाह समारोह में तस्करों सहित कुल आठ सक्रिय अपराधी मौजूद थे. विशेष बात यह रही कि यह समारोह झालावाड़ से लगभग 500 किलोमीटर दूर नागौर में आयोजित हुआ था, जिससे यह संदेह और गहरा हुआ कि संबंधित पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों से संपर्क रहा हो सकता है.
पप्पू तंवर की मौजूदगी से बवाल
जांच में एक और महत्वपूर्ण नाम सामने आया – पप्पू तंवर, जिसके विरुद्ध पूर्व में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है. साथ ही एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68F के अंतर्गत उसकी संपत्ति को अवैध अर्जित मानते हुए फ्रीज भी किया गया था. ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया.
SP अमित कुमार का सख्त एक्शन
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और सार्वजनिक विश्वास सर्वोपरि है. अपराधियों से किसी भी प्रकार की निकटता या मिलीभगत को विभाग में शून्य सहनशीलता की नीति के तहत देखा जाता है. इसी नीति के अनुरूप कठोर निर्णय लेते हुए कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया गया.
पुलिस में जीरो टॉलरेंस संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और पारदर्शिता का सशक्त संदेश माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता आपराधिक गतिविधियों से पाई जाती है, तो इसी प्रकार सख्त कदम उठाए जाएंगे.