राजस्थान में लश्कर आतंकी का खुलासा: स्लीपर सेल बनकर जयपुर में रहा ‘खरगोश’

प्रदेश की राजधानी जयपुर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ के स्लीपर सेल नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक हारिस 2023 से 2024 के बीच शहर में सक्रिय रहा और आम नागरिक बनकर अपनी पहचान छिपाए रखा।

सूत्रों के अनुसार, वह पहले शहर की चारदीवारी क्षेत्र के पास किराए के कमरे में रहा और बाद में जयसिंहपुरा खोर इलाके में इलेक्ट्रिशियन बनकर रहने लगा। इसी दौरान उसने सी-स्कीम स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में काम भी किया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

जांच में सामने आया है कि हारिस ने जयपुर में रहते हुए फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट तैयार करवाए। इन दस्तावेजों के जरिए उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली और कई संवेदनशील स्थानों की रेकी भी की। बताया जा रहा है कि उसने मंदिरों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कई बार जाकर गतिविधियों का निरीक्षण किया।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हारिस और उसका साथी कामरान करीब 2012 में पाकिस्तान से भारत आए थे। नूंह-मेवात नेटवर्क की मदद से उनके लिए फर्जी पहचान तैयार की गई। बाद में इन्हीं दस्तावेजों को अपडेट कर पासपोर्ट बनवाया गया, जिसमें स्थानीय स्तर पर भी सहयोग मिला।

फर्जी पासपोर्ट के जरिए हारिस 2024 में भारत छोड़कर पहले इंडोनेशिया और फिर खाड़ी देशों तक पहुंच गया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और इसकी सप्लाई लाइन पाकिस्तान से जुड़ी हुई थी।

मामले के खुलासे के बाद राजस्थान एटीएस अलर्ट मोड पर है। जयपुर में उसके संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। अब तक 4 संदिग्धों को हिरासत में लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंपा गया है, जबकि 10 से 15 लोग अभी रडार पर हैं।

एटीएस अधिकारियों का कहना है कि आतंकी संगठन लंबे समय से फर्जी पहचान और छोटे रोजगार के जरिए भारत में स्लीपर सेल तैयार करने की रणनीति अपना रहे हैं। उमर हारिस का मामला इसी संगठित साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।