विधायक फंड में कमीशन मांगने के आरोपों से जुड़े मामले में आज राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति (एथिक्स कमेटी) की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कमीशन मांगने के आरोप झेल रहे तीनों विधायकों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। कमेटी इन विधायकों से न सिर्फ आरोपों पर जवाब लेगी, बल्कि उनके द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेजी सबूतों की भी गहन जांच करेगी।
एथिक्स कमेटी ने खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत को आज सुबह 11 बजे विधानसभा में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। तीनों विधायकों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य साथ लेकर आएं।
स्टिंग वीडियो पर होंगे सीधे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान समिति स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े वीडियो और ऑडियो क्लिप्स को आधार बनाकर विधायकों से सीधे सवाल करेगी। यदि विधायक खुद को निर्दोष बताते हैं, तो उन्हें अपने पक्ष में ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने होंगे। समिति ने साफ कर दिया है कि केवल मौखिक दलीलों के आधार पर किसी को राहत नहीं दी जाएगी, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्य अनिवार्य होंगे।
19 दिसंबर को हो चुकी है पहली पूछताछ
इससे पहले 19 दिसंबर को एथिक्स कमेटी ने तीनों विधायकों से विधानसभा में एक-एक कर पूछताछ की थी। उस दौरान कमीशन मांगने के आरोपों को लेकर कई सवाल किए गए थे, लेकिन तीनों विधायक उस दिन अपनी बेगुनाही के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए थे।
पूछताछ के दौरान तीनों विधायकों ने अलग-अलग समय की मांग की थी। बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा ने 15 दिन, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 7 दिन और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने 10 दिन का समय मांगा था। समिति ने सभी को उनके द्वारा मांगे गए समय के अनुरूप मौका दिया और अब एक साथ आज पूछताछ के लिए तलब किया है।
‘पूरी तैयारी के साथ आएं’—सभापति
एथिक्स कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा ने बताया कि विधायकों को नोटिस जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे पूरे सबूतों के साथ तैयार होकर आएं। उन्होंने कहा कि समिति निष्पक्ष जांच करना चाहती है और इसी कारण सभी आरोपों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।
बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को कल बुलाया
विधायक फंड और रिश्वत से जुड़े मामलों की कड़ी में एथिक्स कमेटी ने बांसवाड़ा जिले की बागीदौरा सीट से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल को भी तलब किया है। जयकृष्ण पटेल को 7 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले में जांच कर रहे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के जांच अधिकारी को भी समिति के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि एसीबी ने 4 मई को जयकृष्ण पटेल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह मामला पहले से ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बजट सत्र में रिपोर्ट देने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान एथिक्स कमेटी इन सभी मामलों की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। समिति विधायक फंड में कमीशन मांगने के आरोपों और एसीबी में पकड़े गए जयकृष्ण पटेल के मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
हालांकि, कमेटी की सिफारिशों के बावजूद किसी भी तरह की अंतिम कार्रवाई के लिए सदन की अनुमति आवश्यक होगी। प्रक्रिया के तहत पहले रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को सौंपी जाएगी, उसके बाद इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा। सदन में चर्चा के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
सियासत गरमाने के आसार
इन मामलों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने की पूरी संभावना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना सकते हैं। आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।