जयपुर : राजस्थान में जालौर जिले के सांचौर में गिरफ्तार किए गए मौलवी ओसामा उमर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी)के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। वह मुस्लिम युवाओं को जेहाद की बात क उकसाता था। मौलवी ने पकड़े जाने से पहले अपने मोबाइल फोन का पूरा डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे फोरेंसिक लैब ने रिकवर कर लिया है। उसके मोबाइल से करीब तीन लाख फोटो बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, उमर लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी सैफुल्लाह से प्रभावित था। उसके वीडियो देखता था। एटीएस के महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार उमर कुछ दिन बाद अफगानिस्तान स्थित आतंकी कैंप में प्रशिक्षण लेने के लिए जाने वाला था,लेकिन इससे पहले ही एटीएस ने उसको चार नवंबर को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसको छह नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
पूछताछ में सामने आया कि वह आठ नवंबर को दुबई जाने वाला था और वहां से उसको अफगानिस्तान जाना था। वहां से प्रशिक्षण लेकर आने के बाद राजस्थान में स्लीपर सेल बनाने की योजना बना रहा था। उमर के कब्जे से अफगानिस्तान की एक मोबाइल सिम भी मिली है।
विकास कुमार ने बताया कि उमर के स्वजनों का धार्मिक इतिहास रहा है। उसके अधिकांश स्वजन धार्मिक शिक्षा और मस्जिदों से जुड़े हुए हैं। उमर के पिता भी मदरसे में पढ़ाते हैं। उमर को गैर कानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम,1967 (यूपीए) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। दो बार छह-छह दिन के रिमांड के दौरान एटीएस की पूछताछ में उमर ने कई अहम राजफाश हुए हैं।