राजस्थान में विधायक निधि घोटाला! MLA ऋतु बनावत के विकास कार्यों की जांच

भरतपुर। भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत की ओर से कराए गए विकास कार्यों को लेकर उठे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज हो गई है। विधायक निधि में कथित तौर पर 40 प्रतिशत तक कमीशन लेने के खुलासे के बाद जिला परिषद की टीम ने बयाना पंचायत समिति पहुंचकर विकास कार्यों की गहन जांच की और संबंधित फाइलें जब्त कर लीं।

गुरुवार देर शाम भरतपुर जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेखा रानी व्यास के नेतृत्व में एक जांच टीम बयाना पहुंची। टीम में दो विकास अधिकारी, जिला परिषद के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और लेखा अधिकारी भी शामिल थे। जांच दल ने सबसे पहले ग्राम पंचायत सीदपुर में विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया और संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।

जांच के दौरान सामने आया कि सीदपुर ग्राम पंचायत में विधायक निधि से 80 हैंडपंपों की स्वीकृति दी गई थी। टीम ने हैंडपंपों की स्वीकृति प्रक्रिया, कार्य की वास्तविक स्थिति और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की। अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली गई और फाइलों को जब्त कर आगे की जांच के लिए सुरक्षित किया गया।

इसके बाद जांच टीम मुख्य ब्लॉक शिक्षा कार्यालय पहुंची, जहां विधायक निधि से राजकीय स्कूलों में उपलब्ध कराई गई दरी-पट्टियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। टीम ने बयाना कस्बे के भावड़ा गली स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल और गांव ककलपुरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल का भी निरीक्षण किया। यहां विधायक निधि से आई सामग्री की गुणवत्ता, संख्या और वितरण प्रक्रिया की जांच की गई।

अधिकारियों ने बताया कि सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिला परिषद और उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार को लेकर 14 दिसंबर को बड़ा खुलासा हुआ था। आरोप लगाए गए थे कि विकास कार्यों की अनुशंसा करने के बदले विधायक स्तर पर 40 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जा रही है। इसी खुलासे के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा और अब जिला परिषद की ओर से औपचारिक जांच शुरू की गई है।

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब 15 दिसंबर की देर रात बयाना के रूपवास क्षेत्र में हनुमान तिराहे पर विधायक ऋतु बनावत और उनके पति ऋषि बंसल के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों में “कमीशन खोर बयाना-रूपवास छोड़ो” और “बयाना विधायक का नारा अब 40 प्रतिशत रहेगा हमारा” जैसे नारे लिखे थे। इसके बाद विधायक के देवर रविंद्र बंसल ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।

भ्रष्टाचार के इस मामले में विधायक के पति पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि खींवसर (नागौर) से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन (करौली) से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के बीच 40 लाख रुपए में डील हुई थी। बताया जा रहा है कि डांगा और अनीता जाटव ने तो जिला परिषद के सीईओ के नाम अनुशंसा-पत्र भी सौंप दिए थे।

राजस्थान में विधानसभा सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत प्रत्येक विधायक को सालाना 5 करोड़ रुपए की निधि मिलती है, जिसका उपयोग क्षेत्रीय विकास कार्यों के लिए किया जाना होता है। ऐसे में विधायक निधि में कथित कमीशनखोरी के आरोपों ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल जिला परिषद की जांच टीम द्वारा जब्त की गई फाइलों की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने के साथ-साथ जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।