राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू, 4 जिलों में बारिश का अलर्ट

जयपुर। राजस्थान में इस बार मानसून की विदाई तय समय से पहले ही शुरू हो गई है। सामान्य तौर पर प्रदेश से मानसून की विदाई का चरण 17 सितंबर से माना जाता है, लेकिन इस बार तीन दिन पहले यानी 14 सितंबर से ही इसकी शुरुआत हो गई। जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर जिलों में मानसून विदा होने लगा है। इसके अलावा जोधपुर, नागौर और बाड़मेर का कुछ हिस्सा भी इस दायरे में आ गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य में मानसून की वापसी का अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है। आने वाले दिनों में यह अन्य हिस्सों से भी लौट जाएगा।

मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि हर साल प्रदेश में 17 सितंबर से मानसून की विदाई शुरू होती है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया 14 सितंबर से ही प्रारंभ हो गई। इसी बीच मौसम विभाग ने 17 और 18 सितंबर को चार जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

रविवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बरसात दर्ज की गई। सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर और दौसा जिलों में दोपहर बाद बादल छाए और हल्की बारिश हुई। सवाई माधोपुर के तलवाड़ा में 5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जयपुर के मानसरोवर, प्रतापनगर, सांगानेर और जगतपुरा इलाके में कहीं हल्की बारिश तो कहीं बूंदाबांदी देखने को मिली।

मानसून की विदाई के साथ ही अब प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार को श्रीगंगानगर, चूरू, जैसलमेर और पिलानी में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। श्रीगंगानगर में 37.6 डिग्री, चूरू में 37.4, जैसलमेर में 37.1 और पिलानी में 37.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

बीकानेर, फलोदी और बाड़मेर में 36.2, अलवर में 36.5, अजमेर में 33.5, जयपुर में 34.8, सीकर में 35, कोटा में 34.6, चित्तौड़गढ़ में 35.7, उदयपुर में 32.5, नागौर में 33.6, करौली में 35.8, दौसा में 35.4, पाली में 32.6 और हनुमानगढ़ में 35.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार, 16 सितंबर तक प्रदेश का मौसम सामान्य रूप से ड्राय रहेगा। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

राजस्थान में इस तरह मानसून की विदाई ने सामान्य समय से पहले दस्तक दी है। अगले कुछ दिनों में इसका असर और स्पष्ट होगा, जबकि तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का दौर भी जारी रहेगा।