राजस्थान में कोर्ट ने किया सरकारी कर्मचारियों का ईलाज! जानकर होंगे खुश

Rajasthan government employees punishments type: सरकारी कर्मचारी को अवमानना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट), दुर्व्यवहार और मानहानि जैसे अपराधों के लिए अब 15 तरह की सजा तय होगी. राजस्थान हाईकोर्ट से सलाह के बाद गृह विभाग ने अधिसूचना भी जारी की है. BNS-2023 के तहत सजा के प्रावधान तय किए गए हैं. इसके मुताबिक, सामुदायिक सेवा, पौधारोपण, दफ्तर की सफाई, पार्कों का रख–रखाव, लाइब्रेरी में सेवा जैसे काम शामिल हैं. सामुदायिक सेवा में 8 से 244 घंटे तक की सजा का प्रावधान किया है. अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गई है.

बिना किसी वेतन के करना होगा काम
गृह विभाग के मुताबिक, सामुदायिक सेवा की सजा के तहत अपराधी को समाज के फायदे के लिए बिना किसी वेतन के काम करना पड़ेगा. यह सजा जेल के विकल्प के रुप में या उसके अलावा दी जा सकेगी. इसका उद्देश्य अपराधियों का पुनर्वास, सुधार और उन्हें समाज के लिए कुछ योगदान करने का मौका देना है. इसके अलावा कोर्ट की तरफ से कोई अन्य सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है, जिसे सक्षम अदालत उचित समझे.

सामुदायिक सेवा में क्या–क्या शामिल?
एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (स्कूल या कॉलेज) में सफाई
लाइब्रेरी, लैबोरेटरी, खेल मैदान की सफाई
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लीला स्तरीय दफ्तर, सरकारी लाइब्रेरी, कानूनी सहायता, क्लिनिक में किताबों की व्यवस्था, किताबों की लिस्ट
कोई लिपिकीय सहायता या फिर जिल्द चढ़ाने जैसे काम
अस्पताल, वृद्धाश्रम में सफाई, ट्रॉली मैनेजमेंट और रख–रखाव का काम
अस्पताल और किसी शरण स्थली में मदद (चार तरह की सजाएं शामिल)
पार्क की सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन में मदद
सार्वजनिक भवनों, पुलिस स्टेशन परिसर, पब्लिक पार्क की सफाई
पेड़ लगाने, पानी पिलाने की सजा के भी प्रावधान
शराब पीकर उत्पात मचाने के मामले में कैद और जुर्माना
शराब पीकर उत्पात मचाने, सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को 24 घंटे तक की साधारण कैद या अधिकतम 1000 रुपए जुर्माने की सजा हो सकती है. आत्महत्या की कोशिश का मामला साबित हुआ तो सालभर की सजा या जुर्माने से दंडित किया जाएगा.