अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में रहने वाले मंगत सिंह को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (Inter-Services Intelligence) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने उसे ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के तहत हिरासत में लिया।
अलवर निवासी मंगत सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर सुधेश कुमार ने बताया, “मंगत सिंह को कल (शुक्रवार) ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। आज (शनिवार) उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।”
कुमार ने बताया कि मंगत सिंह खुद को ‘सिद्ध पुरुष’ कहता था और अलवर में काफी प्रसिद्ध था। वह लोगों से अनुष्ठान कराने के नाम पर जबरन पैसा वसूलता था। लेकिन जब इंटेलिजेंस एजेंसी ने उस पर निगरानी रखी, तो पता चला कि वह एक पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट के संपर्क में है। एजेंसी ने बताया कि मंगत सिंह के फोन में उस एजेंट का नंबर ‘Isha Sharma’ और ‘Isha Boss’ के नाम से सेव मिला।
जांच में यह भी सामने आया कि मंगत सिंह की बातचीत और संपर्क पाकिस्तान स्थित आईएसआई एजेंट से था। एजेंट ने खुद को ‘Isha Sharma’ नाम से पेश किया था। अधिकारियों के अनुसार, सिंह ने एजेंट से संपर्क के बाद संवेदनशील और रणनीतिक सूचनाएं पाकिस्तान भेजीं।
जांच के दौरान कुछ वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। सुधेश कुमार ने बताया कि “हमें ₹8,000 और ₹1,500 की ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। हम अन्य ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रहे हैं।”
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अलवर के गोविंदगढ़ निवासी मंगत सिंह की गतिविधियां कैंटोनमेंट क्षेत्र के आसपास संदिग्ध पाई गईं। निगरानी के दौरान उसके पाकिस्तान से जुड़े संपर्क सामने आए।
अधिकारियों के मुताबिक, मंगत सिंह को एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर ने अपने जाल में फंसाया था। वह सोशल मीडिया पर ‘Isha Sharma’ नाम से फर्जी पहचान बनाकर काम कर रही थी। जांच में सामने आया कि उसने मंगत सिंह से आर्थिक लाभ के बदले गोपनीय जानकारियां प्राप्त कीं।
पुलिस ने बताया कि राजस्थान की सीआईडी इंटेलिजेंस ने कार्रवाई करते हुए मंगत सिंह को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ मामला जयपुर स्थित स्पेशल पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद मंगत सिंह से पूछताछ की जा रही है। उसके फोन, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्थान में चल रहे सुरक्षा अभियानों का हिस्सा है, जिसके तहत खुफिया एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रख रही हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंगत सिंह ने कौन-कौन सी सूचनाएं साझा कीं और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। तीन दिन की पुलिस रिमांड के दौरान उससे पूछताछ कर और जानकारी जुटाई जाएगी।