Jaipur News: राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा होने जा रहा है. पीएम मोदी यहां देश की बड़ी परियोजनाओं में शामिल रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे. लेकिन इस सरकारी कार्यक्रम के साथ-साथ बीजेपी इसे राजनीतिक ताकत दिखाने का बड़ा मंच भी बना रही है. सरकार और संगठन दोनों मिलकर पीएम मोदी की सभा में भीड़ जुटाने में पूरी ताकत लगाए हुए हैं. 12 जिलों की 33 विधानसभा सीटों पर खास फोकस किया गया है.
पचपदरा, जहां राजस्थान का वर्षों पुराना सपना अब पूरा होने जा रहा है. यहां बनने वाली रिफाइनरी का उद्घाटन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पहुंचेंगे. यह कार्यक्रम सरकारी है, लेकिन इसके साथ होने वाली जनसभा को बीजेपी ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में है. बीजेपी चाहती है कि यह सभा सिर्फ उद्घाटन कार्यक्रम न रहे, बल्कि शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बने. यही वजह है कि सरकार और संगठन दोनों मैदान में उतर चुके हैं. लक्ष्य है भारी भीड़ जुटाना और संदेश देना कि राजस्थान में बीजेपी पूरी ताकत के साथ खड़ी है.
सूत्रों के मुताबिक पार्टी का मुख्य फोकस 12 जिलों की 33 विधानसभा सीटों पर रखा गया है. इन इलाकों से ज्यादा से ज्यादा लोगों को सभा स्थल तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है. इन जिलों में प्रभारी मंत्रियों को पहले ही भेज दिया गया है. वहीं पार्टी संगठन ने भी अपने प्रदेश पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी देकर मैदान में उतार दिया है.
21 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे रिफाइनरी का उद्घाटन
– रिफाइनरी के उद्घाटन के साथ ही पीएम मोदी की होगी सभा
-सभा में दो लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं और लोगों का लाने का टारगेट रखा गया
-भीड़ जुटाने के लिए 12 जिलों पर मुख्य रूप से फोकस
– इन जिलों के 33 विधानसभा क्षेत्रों में झोंकी पूरी ताकत
भीड़ जुटाने का माइक्रोमैनेज में
सभा में दो लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया जा रहा है. इसके लिए बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट किया जा रहा है. हर जिले, मंडल और बूथ स्तर पर प्रभारी बनाए गए हैं. कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर रहे हैं. छोटी-छोटी बैठकें हो रही हैं. गांवों और कस्बों में लोगों को समझाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री राजस्थान को बड़ी सौगात देने आ रहे हैं, इसलिए बड़ी संख्या में पहुंचना चाहिए.
मंत्री कुमावत बांट रहे पीले चावल
लोगों को बुलाने के लिए पारंपरिक तरीका भी अपनाया जा रहा है. पीले चावल बांटकर न्यौता दिया जा रहा है. राजस्थान में शुभ अवसरों पर पीले चावल देकर आमंत्रण देने की परंपरा रही है. अब उसी परंपरा के जरिए लोगों को सभा में बुलाया जा रहा है. कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत समेत कई मंत्री लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटकर लोगों को न्योता दे रहे हैं.
सभी माध्यमों से किया जा रहा सम्पर्क
पीएम की सभा में लोगों को बुलाने के लिए सिर्फ व्यक्तिगत संपर्क ही नहीं, डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. लोगों के मोबाइल फोन पर ऑडियो मैसेज भेजे जा रहे हैं. इनमें सभा में आने की अपील की जा रही है.
ऑडियो मैसेज अभियान
घर-घर संपर्क
पीले चावल से निमंत्रण
हर स्तर पर पूरी तैयारी
सभा में भीड़ पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था भी बड़े स्तर पर की जा रही है. बसें, जीपें, कारें और अन्य निजी वाहन जुटाए जा रहे हैं. नेताओं को अपने स्तर पर भी वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. यानी मंच से लेकर मैदान तक… हर स्तर पर तैयारियां चल रही हैं. पार्टी की कोशिश है कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी में यह कार्यक्रम यादगार बने.
अलग-अलग जिलों में संगठन के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई
बीजेपी ने एक दर्जन से ज्यादा नेताओं को जिला कार्यक्रम प्रभारी बनाया है. अलग-अलग जिलों में संगठन के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है ताकि भीड़ जुटाने से लेकर मंच संचालन तक कोई कमी न रहे. राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह सिर्फ उद्घाटन कार्यक्रम नहीं है. लोकसभा और आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए बीजेपी इसे राजनीतिक संदेश देने के मौके के रूप में देख रही है.
रिफाइनरी परियोजना राजस्थान के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है. रोजगार, उद्योग और विकास के लिहाज से यह महत्वपूर्ण परियोजना है. ऐसे में बीजेपी इसे विकास और नेतृत्व दोनों के नैरेटिव से जोड़ना चाहती है.