Women Reservation Bill: लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के गिर जाने के बाद राजस्थान की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को और प्रभावी बनाने वाले इस संशोधन बिल के पास न होने से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के बड़े नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत कई नेताओं ने बयान जारी कर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं.
बिल गिरने पर CM भजनलाल का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र शर्मसार हुआ है. कांग्रेस, सपा, TMC और DMK जैसी परिवारवादी पार्टियों पर निशाना साधते हुए CM ने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में इन दलों ने नारी शक्ति का अपमान किया है. भजनलाल शर्मा ने इसे “नारी शक्ति के अधिकारों पर सीधा प्रहार” बताया और चेतावनी दी कि यह आक्रोश थमने वाला नहीं है. उन्होंने कहा, “2029 के चुनाव तो क्या, आने वाले हर चुनाव में देश की महिलाएं इस विश्वासघात का मुंहतोड़ जवाब देंगी.” भाजपा इस पूरे मामले को ‘घमंडिया गठबंधन’ का महिला विरोधी अपराध बता रही है.
गहलोत का केंद्र सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी और शाह को पता था कि विपक्ष के बिना यह बिल पास नहीं होगा, फिर भी उन्होंने सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई. गहलोत ने आरोप लगाया कि यह बिल खतरनाक था क्योंकि इसके पीछे परिसीमन का डर था. उन्होंने कहा, “असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह विपक्ष को टारगेट किया गया, उसी तरह भाजपा ने जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बनाईं ताकि बिल गिर जाए और सारा दोष विपक्ष पर डाला जा सके.” गहलोत ने इसे भाजपा की ‘मालाफाइड इंटेंट’ (दुर्भावनापूर्ण मंशा) करार दिया.
वसुंधरा राजे का विपक्ष पर तीखा प्रहार
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नारी राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और आज जो हुआ वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. राजे ने कहा, “एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं इंडी गठबंधन के महिला विरोधी दल इसे रोक रहे थे.” उन्होंने भरोसा जताया कि देश की नारी जागरूक है और अपने वोट की शक्ति से उन ताकतों को जवाब देगी जिन्होंने उनके सपनों को रोकने की कोशिश की.
सचिन पायलट का बयान
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बिल में कई गंभीर खामियां बताते हुए कहा कि बिल में कुछ ऐसे प्रावधान थे जिन पर गंभीर चर्चा की जरूरत थी. हालांकि उन्होंने पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की भूमिका पर सवाल उठाए.
डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा का बयान
डिप्टी सीएम डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि विपक्ष ने देश की नारी शक्ति को कभी माफ नहीं किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया. बैरवा ने कहा, “भाजपा नारी शक्ति के साथ मजबूती से खड़ी है और पूरे देश में महिला विरोधी विपक्ष को बेनकाब करेगी.
राजस्थान पर क्या होगा असर?
राजस्थान में महिला मतदाताओं का साइलेंट वोट बैंक हमेशा निर्णायक रहा है. भाजपा अब इस मुद्दे को गांव-गांव ले जाकर कांग्रेस को ‘महिला विरोधी’ साबित करने की रणनीति बना रही है, जबकि कांग्रेस ‘जातिगत जनगणना’ और ‘असमान परिसीमन’ के मुद्दे को उठाकर ओबीसी और दक्षिण भारत के हितों की रक्षा का कार्ड खेल रही है. विधानसभा चुनावों के बीच इस बड़े संवैधानिक विधेयक के गिरने से आने वाले उपचुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण मुद्दा सबसे बड़ा सियासी हथियार बनने जा रहा है. राजस्थान की सियासत में इस घटना ने एक नया मोर्चा खोल दिया है और दोनों प्रमुख दलों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है.