Rajasthan News: राजस्थान में दीपावली पर्व की धूम शुरू होने से पहले बिजली विभाग ने लाइनों के रखरखाव पर जोर दिया है, जिसके चलते कई शहरों में विद्युत कटौती का सिलसिला जारी है. बाड़मेर, अजमेर और उदयपुर जैसे प्रमुख जिलों में सोमवार को व्यापक शटडाउन निर्धारित किया गया है. यह कदम पर्व के दौरान बिना किसी व्यवधान के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रखरखाव कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए तेजी लाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को असुविधा न हो. बिजली विभाग ने सभी क्षेत्रों के निवासियों से सहयोग की अपील की है, क्योंकि ये कार्य दीर्घकालिक रूप से विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे.
बाड़मेर में 4 घंटे का शटडाउन
बाड़मेर शहर में सोमवार को सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक 4 घंटे का शटडाउन रहेगा. इस दौरान उपचौकी अरिहंत नगर से निकलने वाला 11 केवी फीडर बंद रहेगा, जिससे रोहिड़ा पाड़ा और जुना किराड़ू मार्ग फीडर पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाएगी. शहर के कई इलाकों में यह कटौती प्रभाव डालेगी, खासकर जहां बिजली लाइनों की मरम्मत जरूरी है. विभाग का कहना है कि यह रखरखाव अभियान बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है, और उपभोक्ताओं को वैकल्पिक इंतजाम करने की सलाह दी गई है.
अजमेर में सुबह से दोपहर तक कटौती
अजमेर में भी सोमवार को विभिन्न इलाकों में 4 घंटे का शटडाउन निर्धारित है. सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक क्लॉक टॉवर, स्टेशन रोड और मदार गेट क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी. इसी समय सेठी कॉलोनी, पंचवटी कॉलोनी और विज्ञान नगर भी अंधेरे में डूबे रहेंगे. सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक जनता कॉलोनी, गौतम नगर और रामबाग चौराहा प्रभावित होंगे. दोपहर 1:30 बजे से 4:30 बजे तक विश्वकर्मा नगर और ट्रांसपोर्ट नगर में कटौती होगी. यह व्यवस्था दीपावली से पहले लाइनों के रखरखाव के लिए है, जिससे पर्व के दौरान सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित हो सके.
उपभोक्ताओं से अपील
राजस्थान के इन जिलों में हो रही कटौती से उपभोक्ताओं को थोड़ी असुविधा तो होगी, लेकिन यह दीपावली के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति का आधार बनेगी. बिजली विभाग ने सभी से अनुरोध किया है कि वे इस दौरान सहयोग करें और समय पर सूचना का पालन करें. यदि कहीं समस्या हो, तो हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है. यह अभियान न केवल रखरखाव पर केंद्रित है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने का प्रयास है.