राजस्थान: बैक डेट की डिग्री से लगी लेक्चरर नौकरी, SOG की जांच में नप गए फर्जी माड़साब

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में हुए फर्जीवाड़े पर कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़े फर्जी डिग्री मामले का खुलासा करते हुए स्कूल के एक लेक्चरर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बैक डेट में खरीदी गई फर्जी डिग्रियों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी और पिछले दो साल से पद पर कार्यरत था।

दो साल से कर रहा था नौकरी
SOG के अनुसार, जयपुर के कालाडेरा निवासी अशोक कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है। वह प्राध्यापक भर्ती-2022 में चयनित होकर स्कूल व्याख्याता बना था। उसकी पोस्टिंग सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र स्थित शहीद गजराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिवराला में हुई थी। आरोपी पिछले दो वर्षों से इस पद पर कार्य कर रहा था।

शिकायत के बाद खुला राज
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब SOG को शिकायत मिली कि अशोक कुमार यादव ने फर्जी डिग्रियों के आधार पर नौकरी हासिल की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता पूरी नहीं की थी, इसके बावजूद उसने आवेदन किया और बाद में फर्जी डिग्रियां हासिल कर लीं।

बैक डेट में ली गईं फर्जी डिग्रियां
जांच में यह भी पता चला कि अशोक कुमार यादव ने चूरू स्थित ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से बैक डेट में दो डिग्रियां प्राप्त की थीं। इनमें एक एग्रीकल्चर विषय में एमएससी और दूसरी बीएड की डिग्री शामिल है। दस्तावेजों के अनुसार, उसने वर्ष 2018 से 2020 के बीच एमएससी और 2020 से 2022 के बीच बीएड करना दर्शाया। हालांकि, SOG की जांच में ये डिग्रियां फर्जी पाई गईं।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत
SOG अधिकारियों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन की मिलीभगत से ये डिग्रियां तैयार की गईं और उनका उपयोग सरकारी नौकरी पाने के लिए किया गया। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

SIT जांच के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए थे। सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जो SOG के अधीन काम कर रहा है। इस टीम ने अब तक कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों का खुलासा करते हुए 100 से अधिक पेपर लीक माफियाओं को गिरफ्तार किया है।

नया केस दर्ज, बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां
SOG ने इस मामले में नया मुकदमा भी दर्ज किया है। केस नंबर 13/2026 में ओपीजेएस यूनिवर्सिटी के संचालक, रजिस्ट्रार सहित अन्य पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। साथ ही अनिता चौधरी समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त कदम उठा रही है।