जयपुर: भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत शनिवार को चार महत्वपूर्ण राज्यों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस पुनरीक्षण के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल को मिलाकर कुल 99 लाख 58 हजार 398 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। निर्वाचन आयोग के इस कदम का मुख्य उद्देश्य फर्जी, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
राजस्थान से 31.36 लाख नाम कटे, अब 5.15 करोड़ वोटर
राजस्थान की अंतिम मतदाता सूची में इस बार बड़ा फेरबदल हुआ है। राज्य में कुल 31 लाख 36 हजार 286 वोटरों के नाम हटाए गए हैं। एसआईआर अभियान शुरू होने से पहले राज्य में मतदाताओं की संख्या 5.46 करोड़ थी, जो अब घटकर 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 रह गई है। 16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट लिस्ट के बाद प्रदेश में 12.91 लाख नए मतदाता जोड़े भी गए हैं। अब प्रदेश में 2,69,57,881 पुरुष, 2,45,61,486 महिला और 562 ट्रांसजेंडर मतदाता पंजीकृत हैं।
सुधरा लिंगानुपात: आधी आबादी की बढ़ी हिस्सेदारी
इस पुनरीक्षण अभियान का एक सकारात्मक पहलू लिंगानुपात में सुधार के रूप में सामने आया है। राजस्थान में प्रति हजार पुरुष मतदाताओं पर महिलाओं की संख्या 909 से बढ़कर 911 हो गई है। जिलेवार सुधार की बात करें तो जयपुर में 7 अंक, कोटा में 6 और अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ व बारां में 4-4 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चार राज्यों का हाल: कहां कितनी हुई कटौती?
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में सबसे अधिक छंटनी हुई है।
राज्य काटे गए नाम वर्तमान कुल मतदाता
मध्य प्रदेश 34.25 लाख 5.39 करोड़
राजस्थान 31.36 लाख 5.15 करोड़
छत्तीसगढ़ 24.99 लाख 1.87 करोड़
केरल 8.97 लाख 2.69 करोड़
अगला पड़ाव: यूपी, बंगाल और तमिलनाडु
अब तक 7 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अंतिम सूची जारी हो चुकी है। अब सबकी नजरें बड़े चुनावी राज्यों पर हैं। तमिलनाडु की सूची 23 फरवरी और पश्चिम बंगाल की 28 फरवरी को आने की संभावना है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में फाइनल मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी की जा सकती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने स्पष्ट किया है कि भले ही अंतिम सूची जारी हो गई है, लेकिन पात्र नागरिक अभी भी बीएलओ (BLO) के पास फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है।