Rajasthan Election Update: राजस्थान सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूचियों का स्पेशल इंसेटिव रिविजन (SIR) चल रहा है. SIR के पहले चरण में मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं. इसके साथ ही पिछली SIR की मतदाता सूची में अगर किसी वर्तमान मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी आदि का नाम शामिल है तो सटीक और सत्यापित पारिवारिक संबंध के माध्यम से मैपिंग की जा रही है. इसके लिए निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियां https://voters.eci.gov.in पर अपलोड कर दी है. साथ ही यह लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है.
68 प्रतिशत मैपिंग पूरी
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार 40 वर्ष से अधिक आयु के 84.98% मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, वहीं 40 वर्ष एवं इससे कम आयु के 53.28% मतदाताओं की भी मैपिंग उनके परिवार वालों के विवरण की सहायता से कर ली गई है. राज्य के 68.17 प्रतिशत मतदाता पिछली SIR की मतदाता सूची से मैप हो गए हैं, ऐसे में अब इन्हें इस संपूर्ण प्रक्रिया में केवल गणना प्रपत्र में सूचनाओं को भरना है तथा किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं देना है.
गणना फॉर्म बांटने में चित्तौड़-अलवर अव्वल
बीएलओ घर घर जाकर गणना फॉर्म वितरित कर रहे हैं. मतदाताओं से पुरानी एसआईआर सूची के अनुसार उसमें लिखे नामों को भरवाकर सत्यापित करवा रहे हैं. गणना फॉर्म वितरण में सबसे ज्यादा 14 प्रतिशत के साथ चित्तौड़गढ़ अव्वल है, फिर बाडमेर, कोटा और बारां का नाम है. इसके अलावा गंगानगर, हनुमान गढ, बीकानेर, चुरू, झुंझनूं, अजमेर और टोंक में गणना फॅाम बांटने की गति बेहद धीमी रही.
मैपिंग में ये जिले रहे अव्वल, ये फिसड्डी
मैपिंग में बाड़मेर 77.97 प्रतिशत के साथ टॉप पर है. वहीं नागौर 74.42, बालोतरा 74.11, जालौर 73.87 और दौसा में 73.16 प्रतिशत के साथ टॉप रहे. हालांकि जोधपुर 55.63, जयपुर 57.68, कोटा 58.03 श्रीगंगानगर एवं अजमेर 62.09 फिसड्डी जिले रहे.
मैपिंग से फायदा
राज्य के वे सभी मतदाता जिनका मिलान देश के किसी भी राज्य के पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची के साथ हो जाता है तो उन्हें इस संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं रहेगी. इस तरह से मैपिंग मतदाताओं के लिए एक सुविधा वाली प्रक्रिया है.
मैपिंग की सूचनाएं कैसे भरें?
4 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच जारी गणना चरण के दौरान BLO प्रत्येक मतदाता के घर दो प्रति में गणना प्रपत्र लेकर पहुंच रहे हैं. इस गणना प्रपत्र में कुछ हिस्सा पहले से प्रिंटेड है जिसमें मतदाता की सामान्य जानकारी है जैसे नाम, ईपिक नंबर, पता, मतदाता सूची की क्रम संख्या, भाग संख्या एवं विधानसभा क्षेत्र, इसके अतिरिक्त इस गणना प्रपत्र में मतदाता की सामान्य जानकारी जैसे पिता अथवा अभिभावक का नाम, माता का नाम, मोबाइल नंबर जीवनसाथी की सूचना आदि भी भरे जाने हैं.
इन सूचनाओं के अलावा मतदाता अगर पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण के समय की मतदाता सूची में शामिल था तो उन्हें उस समय की मतदाता सूची का क्रमांक, भाग संख्या, विधानसभा क्षेत्र, जिला आदि भरने हैं और अगर शामिल नहीं था तो अपने रिश्तेदार जैसे माता-पिता, दादा-दादी, नाना -नानी में से जो भी उस समय मतदाता थे उनका विवरण भरकर गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा करवाना है. इस प्रकार से गणना प्रपत्र में ही मैपिंग का विवरण भरा जाना है. हर योग्य मतदाता 4 दिसंबर तक अपनी एक नवीनतम रंगीन फोटो एवं आवश्यक सूचनाओं के साथ भरा हुआ गणना प्रपत्र अपने बीएलओ को जमा कराना होगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी लेंगे क्लास
प्रदेश में जो जिले गणना फॉर्म बांटने में फिसड्डी रहे हैं, उनकी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन बैठक लेंगे. महाजन सबसे नीचे रहे दस जिलों के कलेक्टर और निर्वाचन से जुड़े प्रमुख अधिकारियों की क्लास लेंगे कि आखिर क्या कारण है कि फॉर्म बांटने में पीछे रहे हैं. अब इन से कार्य में तेजी लाने की बात की जाएगी.