अंता। अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कोटा संभाग प्रभारी मुकेश दाधीच के नेतृत्व में तैयार यह रणनीति दिवाली के बाद अंता क्षेत्र में सक्रिय हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य सरकार के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता पंचायत-वार चुनावी जिम्मेदारी संभालेंगे।
अंता सीट पर उपचुनाव की परिस्थिति तब बनी, जब भजनलाल सरकार में बीजेपी के अंता विधायक को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद यह सीट खाली हो गई और चुनाव अनिवार्य हो गया। सत्ता में काबिज पार्टी किसी भी हालत में इस सीट को अपने विरोधियों के हाथ नहीं जाने देना चाहती। इसी उद्देश्य से बीजेपी ने दिवाली के बाद अपने ‘सीक्रेट प्लान’ को लागू करने की तैयारी कर ली है।
मुकेश दाधीच ने अंता विधानसभा मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया और स्थानीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारे प्रत्याशी मोरपाल सुमन सरल की लोकप्रियता क्षेत्र में विशेष है। हमें पूरा विश्वास है कि वे भारी अंतर से जीतेंगे। पार्टी की पूरी मशीनरी चुनाव में सक्रिय होगी।”
इस रणनीति के तहत प्रत्येक पंचायत के लिए विशेष नेता या मंत्री की ड्यूटी तय की जाएगी। एक बड़े नेता को अधिकतम चार-पांच पंचायतों की जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी ने इस उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है। इस सूची में कोटा से ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। उनका मुख्य काम पार्टी के प्रत्याशी और सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करना होगा।
चुनावी तैयारी में घर-घर संपर्क, नुक्कड़ सभाएं, संपर्क कार्यक्रम और बैठकें शामिल हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे संगठन को पूरी तरह सक्रिय करें और सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाएं। बारां जिला संगठन भी अपने स्तर पर नेताओं के दौरे सुनिश्चित करेगा, ताकि प्रत्येक पंचायत में पार्टी की पैठ मजबूत हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति न केवल बीजेपी की जीत की संभावनाओं को बढ़ाएगी, बल्कि विरोधियों के लिए चुनौती भी बन सकती है। पार्टी की योजना स्पष्ट है—दिवाली के बाद पूरा अंता विधानसभा क्षेत्र सक्रिय रूप से चुनावी गतिविधियों में शामिल होगा।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने चुनावी गतिविधियों को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं और बीजेपी की उपलब्धियों का प्रचार होगा। दूसरे चरण में बड़े नेताओं द्वारा इलाके के प्रमुख केंद्रों पर सभाएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क, फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे।
मुकेश दाधीच की अगुवाई में चल रही यह रणनीति बीजेपी की अंता उपचुनाव में जीत की दावेदारी को मजबूत बनाने के लिए तैयार की गई है। दिवाली के बाद जब यह योजना पूरी तरह से लागू होगी, तब अंता विधानसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियों का ग्राफ तेजी से बढ़ने की संभावना है।
इस तरह, बीजेपी दिवाली के त्योहार को अपने चुनावी अभियान के लिए एक निर्णायक मोड़ बनाने की तैयारी कर रही है, और अंता सीट पर जीत का लक्ष्य पूरी तरह से स्पष्ट है।