राजस्थान में आरटीई लॉटरी जारी, निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश का रास्ता खुला, ऐसे देखें अपना नंबर

जयपुर. राजस्थान में शिक्षा का अधिकार आरटीई के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए शिक्षा संकुल में लॉटरी जारी कर दी गई है. इस लॉटरी के जरिए छात्रों के प्रवेश के लिए प्राथमिकता का क्रम तय किया गया है. आरटीई के तहत इस लॉटरी सिस्टम के माध्यम से राजस्थान के 33 हजार से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश मिलेगा.

लॉटरी जारी होने के बाद अभिभावकों को इसकी सूचना मिलनी शुरू हो गई है. अभिभावक ई-मित्र के माध्यम से लॉटरी में अपना नंबर देख सकते हैं. इस बार आरटीई के तहत नर्सरी कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अन्य कक्षाओं में खाली सीटों के आधार पर एडमिशन मिलेगा. माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार लॉटरी जारी होने के बाद अभिभावक अपने स्कूल चयन क्रम में 16 मार्च 2026 तक परिवर्तन कर सकते हैं. इसके बाद 17 मार्च को उपलब्ध सीटों के आधार पर छात्रों को विद्यालय आवंटित किए जाएंगे.

प्रवेश प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन
विद्यालय आवंटन के बाद स्कूलों द्वारा आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन 25 मार्च 2026 तक किया जाएगा. यदि किसी आवेदक को प्रवेश से संबंधित कोई शिकायत या परिवेदना हो तो वह अपने लॉगइन के माध्यम से 2 अप्रैल 2026 तक आरटीई पोर्टल पर दर्ज कर सकता है. इन परिवेदनाओं का निस्तारण संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा संभाग स्तर पर किया जाएगा. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद चयनित विद्यार्थियों की पढ़ाई एक अप्रैल से शुरू होगी.

द्वितीय और तृतीय चरण में भी मिलेगा मौका
यदि पहले चरण में विद्यालय आवंटन और प्रवेश के बाद भी सीटें रिक्त रहती हैं तो 7 अप्रैल 2026 को द्वितीय चरण में विद्यालय आवंटन किया जाएगा. इसके बाद भी सीटें खाली रहने पर 22 अप्रैल 2026 को तृतीय चरण में विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
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प्रथम चरण में लॉटरी खुलने के बाद अभिभावकों को स्कूल में जाकर मूल दस्तावेज जमा कराने होंगे. इसके बाद स्कूल प्रबंधन दस्तावेजों का सत्यापन करेगा. यदि बच्चा उसी नगर निगम वार्ड का है जहां स्कूल स्थित है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा. दूसरे वार्ड के मामलों में आपत्ति दर्ज हो सकती है, जिसे संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर दूर किया जा सकता है.

इस साल आए 6.34 लाख आवेदन
राजस्थान में आरटीई के तहत इस बार पीपी-3 प्लस, पीपी-4 प्लस, पीपी-5 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए करीब 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें सबसे अधिक आवेदन बीकानेर जिले से आए हैं. यू-डाइस के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में लगभग 33 हजार 548 निजी स्कूल हैं, जबकि राज्य में कुल स्कूलों की संख्या एक लाख से अधिक है.

इस वर्ष शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश के लिए 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी और आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई थी. अब लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित विद्यार्थियों के एडमिशन की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

इस सत्र के लिए आयु सीमा तय
शिक्षा विभाग ने आरटीई के नए सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया की गाइडलाइन और टाइमफ्रेम भी जारी किया है. इसके अनुसार पीपी-3 प्लस में 3 वर्ष या इससे अधिक और 4 वर्ष तक, पीपी-4 प्लस में 4 वर्ष या इससे अधिक और 5 वर्ष तक, पीपी-5 प्लस में 5 वर्ष या इससे अधिक और 6 वर्ष तक तथा पहली कक्षा में 6 वर्ष या इससे अधिक और 7 वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा.
आरटीई के प्रवेश टाइमफ्रेम के अनुसार 20 फरवरी से 4 मार्च तक आवेदन प्रक्रिया चली. इसके बाद 6 मार्च को लॉटरी निकाली गई. 6 से 11 मार्च तक चॉइस फिलिंग में बदलाव की छूट दी गई. 13 मार्च को पहले चरण का आवंटन किया गया और 13 से 21 मार्च तक दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित की गई.

आरटीई प्रवेश के लिए जरूरी नियम
राइट टू एजुकेशन के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होना जरूरी है. प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए 3 से 4 वर्ष तक की आयु के छात्र आवेदन कर सकते हैं, जबकि पहली कक्षा के लिए 6 से 7 वर्ष तक की आयु के बच्चे पात्र होते हैं.

इसके अलावा आवेदक का राजस्थान का स्थायी निवासी होना आवश्यक है. प्रवेश के लिए आय प्रमाण पत्र, बच्चे का आयु प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज आवश्यक होते हैं. अभिभावक 20 फरवरी से वेबसाइट https://rajpsp.nic.in https://rajpsp.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.