राजस्थान में बिजली उपभोक्ताओं को झटका! एक ​अक्टूबर से…

Jaipur. राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम के उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। एक अक्टूबर 2025 से बिजली के बिल में वृद्धि हो गई है। राज्य के तीन प्रमुख डिस्कॉम (जयपुर डिस्कॉम, जोधपुर डिस्कॉम, अजमेर डिस्कॉम) ने नई टैरिफ के अनुसार बिल वसूलने का निर्णय लिया है, जिसका सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। अब से बिजली खपत पर एक नई टैरिफ लागू की जाएगी, जिसके तहत उपभोक्ताओं के बिल में 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है, खासकर मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए।

नए टैरिफ की घोषणाएँ और संशोधन
इन टैरिफ संशोधनों का नोटिफिकेशन डिस्कॉम्स ने जारी किया। इसके तहत बिजली निगमों के सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे ताकि स्पॉट बिलिंग सिस्टम के माध्यम से मीटर रीडिंग और नई टैरिफ के आधार पर बिल जारी किए जा सकें। इन बदलावों के कारण अगले 10 दिन तक बिलिंग का काम स्थगित रहेगा। इसके साथ ही राज्य की प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इन बदलावों के बाद उपभोक्ताओं को उनके मीटर रीडिंग के आधार पर नई दरों के अनुसार बिल जारी किया जाएगा।

राजस्थान में बिजली की दरें कितनी बढ़ी हैं?मध्यम वर्ग के लिए 15 प्रतिशत अधिक भार
राजस्थान में नए बिजली टैरिफ के प्रभाव से सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जो उपभोक्ता हर महीने औसतन 400 यूनिट बिजली की खपत करते हैं, उनके लिए बिजली बिल में लगभग 490 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी लगभग 15 प्रतिशत अतिरिक्त आर्थिक भार को दर्शाती है। नवंबर माह में आने वाले बिल में यह वृद्धि साफ तौर पर दिखाई देगी, जो उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से बोझिल हो सकती है।

रेगुलेटरी सरचार्ज और स्थायी शुल्क में वृद्धि
राजस्थान के बिजली वितरण कंपनियों द्वारा लागू किए गए नए टैरिफ में एक रुपये प्रति यूनिट का रेगुलेटरी सरचार्ज भी शामिल किया गया है। यह सरचार्ज खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए लागू होगा जिनकी खपत 100 यूनिट से कम नहीं है। 100 यूनिट से कम बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर 70 पैसे प्रति यूनिट तक रेगुलेटरी सरचार्ज वसूला जाएगा। हालांकि, डिस्कॉम ने दावा किया है कि 300 यूनिट तक खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं होगा।

स्थायी शुल्क में वृद्धि और बदलाव
नई टैरिफ के तहत स्थायी शुल्क में भी वृद्धि की गई है। पहले यह शुल्क 300 रुपये प्रति केवीए था, जो अब बढ़कर 380 रुपये प्रति केवीए हो गया है। इसके अलावा, कुछ अन्य बदलाव भी किए गए हैं, जैसे कि कैप्टिव पावर प्लांट पर पैरलल ऑपरेशन चार्ज लगाना और लोड फैक्टर पर मिलने वाली छूट को समाप्त करना। ये सभी बदलाव उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त खर्च का कारण बनेंगे, जो उन्हें भविष्य में भुगतने होंगे।