राजस्थान बोर्ड रचेगा इतिहास, पहली बार मार्च में ही आ सकते हैं 5वीं और 8वीं के नतीजे

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) इस साल एक नए अवतार में नजर आ रहा है। सालों से यह देखा गया है कि बिहार बोर्ड सबसे पहले रिजल्ट जारी कर सुर्खियां बटोरता है, लेकिन इस बार राजस्थान बोर्ड ने भी कमर कस ली है। प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं खत्म होने के साथ ही अब कॉपियों की जांच और रिजल्ट की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। चौंकाने वाली खबर यह है कि जो परिणाम अमूमन मई के तपते महीनों में आते थे, वे इस बार मार्च की सुहानी धूप में ही आपके सामने हो सकते हैं। शिक्षा विभाग का लक्ष्य इस बार बिहार बोर्ड के ‘फास्ट ट्रैक’ रिकॉर्ड को चुनौती देना है।

1 अप्रैल से नया आगाज: क्यों है रिजल्ट की जल्दी?
बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, अजमेर ने इस बार पूरी रणनीति बदल दी है। दरअसल, सरकार की योजना है कि 5वीं और 8वीं कक्षा का नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से हर हाल में शुरू कर दिया जाए। अगर रिजल्ट में देरी होती है, तो नए सत्र की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसी डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए, बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि 5वीं और 8वीं का परिणाम 25 मार्च 2026 तक घोषित किया जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक मुहर लगनी अभी बाकी है, लेकिन विभाग के भीतर की हलचल इसी ओर इशारा कर रही है।

परीक्षाओं का लेखा-जोखा: कब क्या हुआ?
इस साल राजस्थान बोर्ड ने अपनी परीक्षाओं को समय से काफी पहले आयोजित किया, ताकि रिजल्ट के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाएं दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:00 बजे की शिफ्ट में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुईं। अब परीक्षार्थियों और अभिभावकों की नजरें स्क्रीन पर टिकी हैं।

खत्म हुई ‘सब पास’ वाली पॉलिसी: अब फेल होने का भी डर
इस बार का रिजल्ट केवल तारीखों की वजह से ही चर्चा में नहीं है, बल्कि नियमों में हुए बड़े बदलाव ने भी छात्रों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। राजस्थान बोर्ड ने सालों से चली आ रही उस पॉलिसी को अलविदा कह दिया है, जिसके तहत 5वीं और 8वीं के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पास कर दिया जाता था। अब अगर किसी छात्र के नंबर पासिंग मार्क्स से कम आते हैं, तो उसे उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। यानी अब मेहनत के बिना अगली क्लास की सीढ़ी चढ़ना मुमकिन नहीं होगा।

जो बच्चे किसी कारणवश फेल हो जाएंगे, बोर्ड उन्हें पूरी तरह निराश नहीं करेगा। उनके लिए एक ‘सेफ्टी नेट’ तैयार किया गया है। फेल होने वाले छात्रों के लिए स्कूल स्तर पर 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षाओं (Supplementary Exams) का आयोजन किया जाएगा। अगर बच्चा इस परीक्षा में पास हो जाता है, तो उसका पूरा साल खराब होने से बच जाएगा। यह कदम शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए उठाया गया है।

रिजल्ट कैसे और कहां चेक करें?
जैसे ही बोर्ड रिजल्ट की घोषणा करेगा, छात्र अपने रोल नंबर और जन्म तिथि (Date of Birth) की मदद से अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। रिजल्ट देखने के लिए आप इन आधिकारिक वेबसाइट्स पर नजर बनाए रखें: