चौमूं में बवाल के बाद सामान्य हुए हालात, आज भी इंटरनेट बंद

जयपुर ग्रामीण के चौमूं बस स्टैंड क्षेत्र में मस्जिद के बाहर से पत्थर हटाने का मामला ने तूल पकड़ लिया। शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे यहां जब रैलिंग बनाने के साथ पत्थरों को हटाने का काम किया जा रहा था। तभी असमाजिक तत्वों ने यहां कार्य में बाधा डालना शुरू कर दिया। इससे पहले गुरुवार 25 दिंसबर को आपसी सहमति के बाद यहां पत्थर हटाने का काम शुरू हुआ था। आज जब उसी स्थान पर कुछ लोगों द्वारा रेलिंग लगाने का काम शुरू किया तो विवाद इतना बढ़ा कि लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

चौमूं में अब शांति, पुलिस की सख्ती और समझाइश आई काम
चौमू कस्बे में धार्मिक स्थल के पास लग पत्थर को हटाने के बाद उपजे उपद्रव से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस की सख्ती क बाद अब वहां शांति व्यवस्था कायम हो गई है। हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस और आरएसी की टीमें इलाके में तैनात है। मोबाइल इंटरनेट सेवाएं आज भी बंद रखी गई है ताकि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह ना फैल जाए।

यातायात सुचारू और स्थिति नियंत्रण में
चौमूं में हुए विवाद के बाद स्पेशल टास्क फोर्स और दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती के बीच यातायात सुचारू है और स्थिति नियंत्रण में है।

50 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया
घटनाक्रम के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 50 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने घटना की निंदा करते हुए पत्थरबाजों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन की मांग की है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर पहुंचे घटना का जायजा लेने
चौमूं में बस स्टैंड पर मस्जिद के पास रेलिंग लगाने को लेकर उपजा विवाद शुक्रवार तड़के हिंसक पथराव में बदल गया। हालात को काबू करने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश शुक्रवार देर शाम घटना स्थल पर जायजा लेने पहुंचे।

विधायक अमीन कागजी पहुंचे पुलिस कमिश्नर दफ्तर
चौमूं इलाके में हुए हालिया उपद्रव और तनाव के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। किशनपोल विधायक अमीन कागजी आज इस मामले को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और निर्दोष लोगों को परेशान न करने की मांग की है।

चौमूं में हुई उपद्रव की घटना पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस को त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने दोटूक संदेश देते हुए कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्थरबाजों पर फूल नहीं बरसेंगे, बल्कि उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। शरारती तत्वों के खिलाफ राज्य सरकार अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है।

4 दशक से फैले थे पत्थर
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के पास 4 दशक से भी ज्यादा टाइम से पत्थर पड़े थे। पुलिस प्रशासन चाहता था कि जाम की स्थिति से निपटने के लिए पत्थरों को हटा दिया जाए। समुदाय के लोगों से बातचीत के बाद रजामंदी भी हो गई थी। बवाल से पहले पत्थर को हटाने का काम चल रहा था। लेकिन कुछ शराती तत्वों ने भ्रम फैला दिया।

आखिर कैसे भड़की हिंसा, क्यों हुई पत्थरबाजी
चौमूं में 25 दिसंबर की रात तक एकदम शांति थी। लेकिन 12 बजते-बजते ऐसा भूचाल आया कि भीड़ अचानक उग्र हो गई और उनकी सुरक्षा के लिए खड़े पुलिसवालों को ही निशाना बनाने लगे। आखिर विवाद कहां से उपजा और कैसे हिंसक हो गया।

चौमूं में छापेमारी जारी
चौमूं में हिंसा भड़कने के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है। इस बीच पुलिस बल छापेमारी कर पत्थरबाजों को पकड़ रहा है। आला अफसर इलाके में कैंप किए हुए हैं।