राजस्थान के 20 जिलों में आंधी-तूफान मचाएगा आतंक, भीषण बारिश से भीगेगा प्रदेश का कोना-कोना

Weather Update, 4 November: राजस्थान में सर्दी की दहलीज पर कदम रखते ही मौसम ने भयानक रूप धारण कर लिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने सुबह 4 बजे प्रदेश के 20 जिलों—जयपुर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, बूंदी, झालावाड़, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, सिरोही, पाली और नागौर—में आंधी-तूफान के साथ भीषण वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है.

एक तेज पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अरब सागर की नमी लदी हवाएं उफान पर हैं, जिससे अगले 24-48 घंटों में 12-18 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है. इससे आंधी की रफ्तार 50-70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जो पेड़ों को उखाड़ने, बिजली के खंभों को गिराने और यातायात को ठप करने का कारण बनेगी. ठंड की लहर भी तेज हो गई है, न्यूनतम तापमान 8-12 डिग्री तक गिर सकता है.

राजस्थान में सर्दी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने 4 बजे प्रदेश के 20 जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है. उदयपुर, कोटा संभाग सहित जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर, जयपुर और अन्य जिलों में यह अलर्ट प्रभावी है. एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अरब सागर की नमी हवाओं के साथ जुड़ गई है, जिससे अगले 24 घंटों में 5-10 सेंटीमीटर तक वर्षा होने का अनुमान है. इससे ठंड की लहर तेज हो गई है, और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री नीचे चला गया है.

IMD के अनुसार, हिमालय की ऊपरी चोटियों से ठंडी हवाएं पश्चिमी विक्षोभ को मजबूत कर रही हैं, जो नवंबर में असामान्य वर्षा ला रहा है. जयपुर में दोपहर से हल्की फुहारें शुरू हो गईं, जबकि उदयपुर और कोटा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश दर्ज की गई. कोटा संभाग में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, और निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें आ रही हैं.

“यह विक्षोभ 5 नवंबर तक सक्रिय रहेगा. आंधी की रफ्तार 40-60 किमी/घंटा हो सकती है, जो पेड़ों व बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती है.” जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे पैटर्न बढ़ रहे हैं, जो रबी फसलों की बुआई को प्रभावित कर रहे हैं. किसानों को नमी लाभ तो मिल रही है, लेकिन अधिक वर्षा से बीज सड़ने का खतरा है.

प्रशासन ने अलर्ट के मद्देनजर त्वरित कदम उठाए हैं. उदयपुर कलेक्टर ने एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी है, जबकि कोटा में नदियों के किनारे बसे गांवों से परिवारों को सुरक्षित स्थानांतरित किया जा रहा है. सड़क परिवहन विभाग ने NH-52 और NH-27 पर वैकल्पिक मार्ग घोषित किए हैं, तथा अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है.

जयपुर में ट्रैफिक पुलिस ने सिग्नल पर सतर्कता बरती है. बिजली विभाग ने आंधी से लाइनें प्रभावित न हों, इसके लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी है. स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी-जुकाम व जलजनित बीमारियों के लिए दवाओं का स्टॉक जुटाया है. स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी नहीं, लेकिन अभिभावकों को बच्चे घर पर रखने की सलाह दी गई.

IMD ने लोगों से घरों में रहने, ऊंचे स्थानों से बचने और बिजली के संपर्क से दूर रहने की हिदायत दी है. ‘IMD राजस्थान ऐप’ से रीयल-टाइम अपडेट लें. एक ग्रामीण ने कहा, “बारिश से ठंड बढ़ गई, लेकिन बाढ़ का डर सता रहा है.” मौसम विभाग निगरानी जारी रखेगा, और यदि तीव्रता बढ़ी तो ऑरेंज अलर्ट संभव. यह वर्षा सूखे के बाद राहत देगी, लेकिन सावधानी जरूरी है.