अब बेहतर होगा ट्रेन मेंटिनेंस, रेलवे बना रहा 20 नई पिट लाइनें

Rajasthan Project: उत्तर पश्चिम रेलवे ट्रेनों के रखरखाव के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दे रहा है. अपनी रेल परिचालन क्षमता को बढ़ाने को एक मिशन के रूप में लिया गया है. उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेल रखरखाव क्षमताओं के व्यापक विस्तार की योजना पर कार्य कर रहा है.

रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए रखरखाव क्षमता में वृद्धि जरूरी है. वर्तमान में ट्रेनों के रखरखाव के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 22 रेल पिट लाइनें हैं. पिट लाइन ट्रेनों के प्राइमरी मेंटिनेंस के लिए अति आवश्यक है.

तेजी से हो रहा पिट लाइनों पर काम

किसी ट्रेन के संचालन के लिए उसका समय पर मेंटिनेंस जरूरी है. उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपने विभिन्न स्थानों पर रेल रखरखाव के लिए 20 नई रेल पिट लाइनों के निर्माण का कार्य शुरू किया है. इन नई रेल पिट लाइनों पर काम तेजी से चल रहा है. इन कार्यों के प्रगति की उच्च स्तर पर निगरानी रखी जा रही है.

यहां बनाई जा रही हैं 20 नई पिट लाइन
मदार (1 लाइन), उमरा (2 लाइन), लालगढ़ (4 लाइन), श्रीगंगानगर (2 लाइन), हिसार (2 लाइन), सूरतगढ़ (2 लाइन), खातीपुरा (4 लाइन), बाड़मेर (1 लाइन) और जैसलमेर (2 लाइन).

नई ट्रेनों की शुरुआत

इस विस्तार से मौजूदा रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है. इससे उत्तर पश्चिम रेलवे की रेल संचालन क्षमता एक तरीके से दोगुनी हो जाएगी. इससे नई ट्रेनों की शुरुआत के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे. देश के विभिन्न हिस्सों में नई ट्रेनों की शुरुआत सभी यात्रियों के लिए लाभकारी होगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

विकास के नए रास्ते

इसके अतिरिक्त उत्तर पश्चिम रेलवे लॉन्ग टर्म रणनीति के तहत 10 और रेल लाइनों के निर्माण की योजना बना रहा है. इन अतिरिक्त सुविधाओं के लिए वर्तमान में यह रणनीति योजना और स्वीकृति के विभिन्न चरणों में हैं. रखरखाव इन्फ्रास्ट्रक्चर के इस विस्तार से न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ाया जा सकेगा, बल्कि उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्र में रेल यातायात वृद्धि और कम्पलीट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के नए रास्ते भी खुल सकेंगे