बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से बदलेगा राजस्थान का मौसम

राजस्थान में कमजोर पड़े मानसून के बीच एक बार फिर अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के प्रभाव से सोमवार (28 जुलाई) से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम का असर सबसे पहले पूर्वी राजस्थान में दिखाई देगा। भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। सोमवार को प्रदेश के 10 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि 29 और 30 जुलाई को कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। यह सिस्टम 1 से 2 अगस्त तक राजस्थान के मौसम को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश, अधिकांश जगह मौसम रहा शुष्क
रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा। हालांकि बाड़मेर, जैसलमेर और पाली समेत पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान जालोर, बाड़मेर, सिरोही, अजमेर और भरतपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो अजमेर जिले के जवाजा में सबसे अधिक 43 मिमी बारिश दर्ज की गई। सिरोही के माउंट आबू में 37.2 मिमी, राजसमंद के कुंवारिया में 28 मिमी, बाड़मेर के चौहटन में 28.5 मिमी और धनाऊ में 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र के सीकरी में 25 मिमी, जबकि जालोर के रानीवाड़ा और सांचौर में 12-12 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा जोधपुर, जैसलमेर और झालावाड़ सहित कई जिलों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

धूप निकलने से बढ़ी गर्मी और उमस
बारिश का दौर कमजोर पड़ने और दिनभर तेज धूप निकलने से प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके चलते कई शहरों में उमस बढ़ गई और लोगों को गर्मी का अहसास हुआ।

रविवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में 38 डिग्री, फलोदी में 37.4, जैसलमेर में 36.7, दौसा में 36.6, चूरू में 36.4, पिलानी में 36.2, अलवर में 35.5, हनुमानगढ़ और करौली में 35.1, बाड़मेर में 35.1, टोंक में 33.6 और जोधपुर में 32.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

जयपुर में दिनभर धूप, ग्रामीण इलाकों में हल्की बारिश
राजधानी जयपुर में रविवार को दिनभर मौसम साफ रहा। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। शाहपुरा में 5 मिमी और आंधी क्षेत्र में 1 मिमी वर्षा हुई।

कोटा में उमस बढ़ी, अब बारिश का इंतजार
कोटा जिले में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर थमने के बाद गर्मी और उमस बढ़ गई है। रविवार को दिनभर धूप-छांव का माहौल रहा, लेकिन अधिकांश समय तेज धूप रही। अधिकतम तापमान 31.3 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 28 जुलाई के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

अजमेर में सामान्य से अधिक बारिश
अजमेर में रविवार को मौसम साफ रहा और अधिकतम तापमान 32 डिग्री तथा न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हाल ही में हुई अच्छी बारिश से गोविंदगढ़ बांध पर चादर चलने लगी है। जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 301.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत 183 मिमी से करीब 62 प्रतिशत अधिक है। हालांकि यह पिछले वर्ष जून-जुलाई में हुई 617 मिमी बारिश से काफी कम है। पिछले साल इन दो महीनों में 33 दिन बारिश हुई थी, जबकि इस बार अब तक केवल 14 दिन ही बारिश दर्ज की गई है।

उदयपुर और जोधपुर में भी बारिश के संकेत
उदयपुर में रविवार को सुबह से बादल छाए रहे और हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलती रहीं। अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज बारिश की संभावना जताई है।

वहीं जोधपुर में अधिकतम तापमान 32.5 और न्यूनतम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने यहां भी आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान जारी किया है।

सीकर और अलवर में भी राहत की उम्मीद
सीकर में रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अलवर में तेज धूप और उमस के बावजूद मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के सक्रिय होने से राजस्थान में मानसून को नई ताकत मिलेगी। यदि सिस्टम अनुमान के अनुसार आगे बढ़ता है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है, जिससे किसानों और जलाशयों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।