Hast Rekha Cross Sign in Palm: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली पर बनने वाले अलग-अलग चिह्न व्यक्ति के जीवन में होने वाली घटनाओं और भविष्य की परिस्थितियों का संकेत देते हैं. इन्हीं में से एक है क्रॉस का निशान, जो दो रेखाओं के आपस में मिलने से बनता है. हस्तरेशा शास्त्र के जानकारों की मानें तो क्रॉस का निशान जहां कुछ स्थानों पर यह शुभ परिणाम देता है, वहीं कई जगहों पर इसे अशुभ भी माना गया है. आइए जानते हैं कि हथेली के किन-किन हिस्सों पर क्रॉस का निशान बनना नकारात्मक प्रभाव का संकेत माना जाता है.
शनि पर्वत पर क्रॉस
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर शनि पर्वत (मध्यमा उंगली के नीचे का क्षेत्र) पर क्रॉस का निशान बने, तो यह शुभ नहीं माना जाता. कहा जाता है कि ऐसे जातक अपने परिश्रम का पूरा फल नहीं पा पाते और जीवन में संघर्ष अधिक करते हैं.
मणिबंध पर क्रॉस
हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक हथेली के निचले हिस्से, यानी कलाई (मणिबंध) पर यदि क्रॉस का निशान बने, तो यह बड़े संकट, बीमारी या दुर्घटना का संकेत देता है. जिन लोगों के मणिबंध पर यह निशान होता है, ऐसे लोग अक्सर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझते रहते हैं.
चंद्र पर्वत पर क्रॉस
हस्तरेखा शास्त्र के जानकार बताते हैं कि चंद्र पर्वत (हथेली के निचले बाएं हिस्से) पर क्रॉस का चिन्ह होने से व्यक्ति अत्यधिक भावुक होता है. ऐसे लोग मानसिक तनाव और परेशानियों का अधिक सामना कर सकते हैं.
मस्तिष्क रेखा पर क्रॉस
मस्तिष्क रेखा पर यदि क्रॉस का निशान दिखाई दे, तो यह मानसिक अशांति और कठिन परिस्थितियों का संकेत देता है. ऐसे लोगों को निर्णय लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए और वाहन चलाते समय विशेष सतर्क रहना चाहिए.
जीवन रेखा पर क्रॉस
जीवन रेखा पर क्रॉस का निशान होना भी अशुभ माना गया है. यह अचानक संकट, बीमारी या दुर्घटना का संकेत देता है. जिन लोगों की हथेली में ऐसा होता है, ऐसे जातकों के जीवन में अप्रत्याशित घटनाएं घट सकती हैं.