लॉर्ड्स में ‘इतिहास’ की नई इबारत! इंग्लैंड के गढ़ में भारतीय शेरनियों ने फहराया तिरंगा, टेस्ट में मिली यादगार जीत

England Women vs India Women One-off Test: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इतिहास रच दिया है. इस प्रतिष्ठित मैदान पर पहली बार खेले गए महिलाओं के टेस्ट मैच में हरमनप्रीत कौर की सेना ने जीत हासिल की. उसने टेस्ट मैच के चौथे दिन सोमवार (13 जुलाई) को 270 रनों से मुकाबले को अपने नाम कर लिया. हरमनप्रीत की टीम इस दौरे पर 3 टी20 मैच और 1 टेस्ट मैच खेलने गई थी. उसे टी20 सीरीज में 1-2 से हार मिली थी और अब उसने इकलौते टेस्ट को जीतकर उस हार के गम को भुला दिया है.

टी20 वर्ल्ड कप में निराशा के बाद टीम इंडिया ने टेस्ट मैच की तैयारी पर जोर लगाया. इस कारण भारतीय टीम लॉर्ड्स में पूरी तरह से सहज दिखी. उसने वहां की परिस्थितियों, मनोवैज्ञानिक दबाव और लॉर्ड्स के कुख्यात ‘स्लोप’ (ढलान) को उस आत्मविश्वास के साथ संभाला जो आमतौर पर किसी परिचित घरेलू मैदान के लिए आरक्षित होता है.

सचिन तेंदुलकर ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
जैसे ही हरमनप्रीत कौर की टीम ने जीत का जश्न मनाया, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह और पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर स्टैंड्स में टीम का उत्साह बढ़ाते हुए नजर आए. स्नेह राणा द्वारा अंतिम विकेट लेने और सोफी एक्लेस्टोन के प्रतिरोध को समाप्त करने के बाद तेंदुलकर बाद में मैदान पर खिलाड़ियों को बधाई देने के लिए आए. उन्होंने पवेलियन वापस लौटती विजयी टीम से मुलाकात की और उन्हें इस ऐतिहासिक दिन पर जीत की बधाई दी.

इंग्लैंड में भारत का अजेय अभियान जारी
इस जीत के साथ भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट मैचों में अपने अजेय अभियान को और बढ़ा दिया है. उसने अब तक इस देश में खेले गए अपने 10 टेस्ट मैचों में से तीन जीते हैं और सात ड्रॉ खेले हैं. यह पिछले पांच टेस्ट मैचों में भारतीय महिला टीम की चौथी जीत भी थी.

मंधाना की पारी ने रखी बड़ी जीत की नींव
इस यादगार जीत की नींव शुरुआती दो दिनों में शानदार बल्लेबाजी और आक्रामक तेज गेंदबाजी के मेल से रखी गई थी. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर हरी घास वाली पिच पर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद भारत ने पहली पारी में 285 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया. उस प्रयास का मुख्य आकर्षण उप-कप्तान स्मृति मंधाना की राजसी पारी थी. इस शानदार बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज ने इंग्लैंड के अनुशासित आक्रमण का सामना करते हुए 11 चौके और एक छक्का लगाया. मंधाना की 83 रनों की पारी ने ऊपरी क्रम को मजबूती दी, जिससे कप्तान हरमनप्रीत कौर (58) और भरोसेमंद दीप्ति शर्मा (57) को बड़ी साझेदारियां निभाने का मौका मिला, जिसने मेजबान टीम को हताश कर दिया.

क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड को घुटने टेकने पर मजबूर किया
यदि मंधाना ने शुरुआती मजबूती दी, तो युवा सीम सनसनी क्रांति गौड़ ने मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया. नर्सरी एंड से प्राकृतिक स्विंग और तीखे स्पैल के साथ मध्य प्रदेश की इस 22 वर्षीय तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड की पहली पारी के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया. गौड़ ने अनुशासन के साथ गेंदबाजी की और 17 ओवरों में मात्र 37 रन देकर पांच विकेट झटके, जिसमें सात मेडन ओवर भी शामिल थे. उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने इंग्लैंड को मात्र 170 रनों पर समेट दिया और भारत को पहली पारी में 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई.

यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में रचा इतिहास
हाथ में बड़ी बढ़त होने के कारण भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में खेल को इंग्लैंड से पूरी तरह छीन लिया. मंधाना ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 70 रन बनाए, जबकि ऋचा घोष ने मात्र 52 गेंदों में 50 रनों की तेज पारी खेली. हालांकि, यह पारी पूरी तरह से विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के नाम रही. यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराकर इतिहास रच दिया. वह इस ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक बनाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं. यास्तिका ने 158 गेंदों में शानदार 113 रन बनाए, जिसमें 14 आकर्षक चौके शामिल थे. उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारत को मैच में पूर्ण नियंत्रण की स्थिति में ला खड़ा किया. इसी की बदौलत कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे दिन चाय के समय 341/7 पर अपनी दूसरी पारी घोषित की. इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने 118 रन देकर पांच विकेट झटके, लेकिन तब तक लक्ष्य मेजबान टीम की पहुंच से बहुत दूर जा चुका था.

इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन के जाल में फंसे
जीत के लिए मिले 457 रनों के विशाल लक्ष्य के सामने इंग्लैंड की दूसरी पारी दबाव में पूरी तरह बिखर गई. भारत के विविधतापूर्ण गेंदबाजी आक्रमण ने घरेलू टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया. स्नेह राणा ने अपनी चतुर ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया और 42 रन देकर चार विकेट हासिल किए. वहीं, पहली पारी की स्टार गेंदबाज क्रांति गौड़ और अनुभवी दीप्ति शर्मा ने भी दो-दो विकेट लेकर किसी भी संभावित साझेदारी को पनपने से पहले ही तोड़ दिया. इंग्लैंड की ओर से विकेटकीपर-बल्लेबाज एमी जोन्स ने रविवार शाम को शानदार संघर्ष किया और नाबाद 54 रनों की जुझारू पारी खेली. सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रनों की पारी खेली, लेकिन तब मैच इंग्लैंड के हाथ से बाहर जा चुका था. उन्हें स्नेह राणा ने बोल्ड कर मैच को समाप्त कर दिया.