क्या गौतम गंभीर की जिद की वजह से टीम इंडिया की कटी नाक? 1 फैसला बदल सकता था नतीजा

नई दिल्ली. आयरलैंड के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम को शर्मसार होकर लौटना पड़ा. पहली बार टी20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया को इस कमतर आंकी जा रही टीम से हार मिली. आयरलैंड ने ना सिर्फ पहला मैच जीता बल्कि सीरीज के दोनों मुकाबले में मात देकर क्लीन स्वीप कर दिया. इस तरह की शर्मनाक हार के बाद हर तरफ एक ही चर्चा हो रही है. आखिर आयरलैंड के दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं दिया गया. क्या ये गौतम गंभीर की जिद थी जिसने टीम को ऐसी शर्मनाक हार की तरफ धकेला.

बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज हार को वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने का कारण नहीं माना जा सकता. हालांकि इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता कि अगर उनको खेलने का मौका मिलता तो नतीजा कुछ और भी हो सकता था. इस नतीजे ने बस पहले से चल रही खामियों को साफ तौर पर सामने ला दिया. आम तौर पर भारत ऐसी सीरीज का इस्तेमाल युवा और नए खिलाड़ियों को मौका देने के लिए करता है. जिससे उनको बिना दबाव के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका दिया जा सके.

क्या गौतम गंभीर की जिद से हारी टीम
पूरी दुनिया और कई पूर्व क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड सीरीज में मौका दिए जाने की बात कह रहे थे. कोच गंभीर ने आईसीसी टी20 में 11 नंबर की टीम के सामने भी युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं दिया. भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने सीरीज शुरू होने से पहले कहा था, सिर्फ एक खिलाड़ी को मौका देने के लिए रन बना रहे किसी अन्य खिलाड़ी को बाहर बैठाना पूरी तरह से गलत होगा. रन बनाने वाले बल्लेबाजों ने क्या किया ये सभी के सामने है. ऐसे में एक टॉप फॉर्म में चल रहा युवा को मौका देना तो बनता था. आयरलैंड को कम आंकना गलत है लेकिन लो रैंक टीम के खिलाफ वैभव को आजमाना गलत नहीं होता.

इस समय जिस फॉर्म में वैभव सूर्यवंशी चल रहे हैं उससे यह कहा जा सकता है कि उनको डेब्यू करने का मौका देने का फैसला गलत नहीं होता. अगर उनके पिछले 10 मुकाबलों को देखें तो वो लगभग हर मुकाबले में रन बना रहे हैं. इंडियन प्रीमियर लीग में उन्होंने 700 से ज्यादा रन ठोके. श्रीलंका ट्राई सीरीज के फाइनल में 11 बॉल पर फिफ्टी बना नया रिकॉर्ड कायम किया. पिछली 10 पारी में उनके नाम चार 90 प्लस स्कोर है. अगर 5 ओवर भी वैभव खेल जाते हैं तो मैच एकतरफा बन जाता है. ऐसे में आयरलैंड के खिलाफ उनको मौका मिलता तो नतीजा कुछ और हो सकता था .