54 साल का सूखा खत्म… चांद की ओर चला इंसान! Artemis-2 की ऐतिहासिक उड़ान, एस्ट्रोनॉट्स ने भेजा पहला संदेश

NASA Artemis 2 Launch: पूरी दुनिया जिस पल का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, वह समय आखिरकार आ गया. आज फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B से आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन ने चांद के लिए उड़ान भर दी है. भारतीय समयानुसार यह लॉन्च आज सुबह लगभग 3:54 AM पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट SLS से हुआ. SLS की नारंगी लपटें जब बादलों को चीरते हुए अंतरिक्ष की ओर उड़ान भर रही थीं, तो करोड़ों लोगों की उम्मीदें भी उसके साथ चांद के इस सफर में जा रही थीं. इसके साथ ही ओरियन (Orion) कैप्सूल में सवार चार जांबाज एस्ट्रोनॉट्स एक बार फिर उस सफर पर हैं, जहां 1972 के बाद से अब तक कोई इंसान नहीं गया है. 1972 (अपोलो मिशन) के बाद यह पहला मौका है जब इंसान पृथ्वी की कक्षा को पार कर चंद्रमा की ओर बढ़ा है.

कैसे थे लॉन्च के वे रोंगटे खड़े करने वाले पल?
नासा का यह मून मिशन भारतीय समयानुसार सुबह तड़के करीब 3:54 AM (2 अप्रैल) को लॉन्च हुआ. लॉन्च के पहले के कुछ मिनट किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थे. जैसे ही मिशन कंट्रोल रूम से 3… 2… 1… और लिफ्ट-ऑफ! की आवाज गूंजी, केनेडी स्पेस सेंटर का लॉन्च पैड 39B नारंगी रोशनी में नहा गया. रॉकेट की आवाज इतनी तेज थी कि कई मील दूर तक धरती कांपने लगी. जैसे ही रॉकेट ऊपर गया, करीब 2 मिनट बाद रॉकेट के दो विशाल सॉलिड रॉकेट बूस्टर्स (SRBs) अलग होकर अटलांटिक महासागर में गिर गए. लॉन्च के मात्र 8 मिनट बाद ‘ओरियन’ स्पेसक्राफ्ट अपने मुख्य इंजन से अलग होकर पृथ्वी की कक्षा (Orbit) में सुरक्षित पहुंच गया.

अंतरिक्ष यात्रियों का पहला संदेश, ‘सूरज उग रहा है!’
धरती के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद मिशन कमांडर रीड वाइसमैन ने ग्राउंड कंट्रोल को पहला संदेश भेजा. इस संदेश में था ‘इंटेग्रिटी (ओरियन यान का नाम) पर सूरज उग रहा है.’ आपको बता दें कि स्पेसक्राफ्ट में पहुंचते ही मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच ने स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट को ऑपरेशनल करने का महत्वपूर्ण काम संभाला, जिससे 10 दिनों के लंबे सफर में चालक दल को कोई परेशानी न हो.

‘प्लेन’ की खिड़की से दिखा अद्भुत नजारा
NASA का Artemis 2 मिशन लॉन्च होने के साथ ही सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने तहलका मचा दिया है. फ्लोरिडा के ऊपर से गुजर रहे एक कमर्शियल प्लेन के यात्री ने अपनी खिड़की से आर्टेमिस-2 रॉकेट को बादलों को चीरते हुए ऊपर जाते हुए रिकॉर्ड किया. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी मिड-एयर साइटिंग (Mid-air sighting) कभी कभार देखने को मिलती है.

कौन हैं वे 4 जांबाज, जो रच रहे हैं इतिहास?
NASA ने आर्टेमिस-2 मिशन के लिए 4 एस्ट्रोनॉट्स को चुना है. इसके मिशन कमांडर रीड वाइसमैन हैं, जो मिशन का नेतृत्व कर रहे अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं. इसके साथ मिशन में चांद की ओर जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति विक्टर ग्लोवर इस मिशन के पायलट हैं. साथ ही मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच हैं, जो चांद की दहलीज पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी. वहीं, जेरेमी हैनसन इस मिशन का हिस्सा बनने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोनॉट हैं.

अगले 10 दिन क्या होगा?
आज का पूरा दिन एस्ट्रोनॉट्स ओरियन को मैन्युअल तरीके से चलाकर (Proximity Operations) देखेंगे. इसके बाद कल यानी 3 अप्रैल को ओरियन का इंजन फिर से जलेगा, जो इसे सीधे चांद की ओर धकेलेगा. यह टीम चांद की सतह से महज 7,600 किमी ऊपर से गुजरेगी और वहां की हाई-डेफिनिशन तस्वीरें धरती पर भेजेगी. इस मिशन में ओरियन इंसानों को लेकर 3,70,000 किमी दूर चांद के पीछे (Far Side) तक जाएगा. अभी तक इतनी दूर कोई भी इंसान नहीं गया है.

क्यों है यह मिशन ‘गेम चेंजर’?
यह सिर्फ चांद के चक्कर लगाने का मिशन नहीं है. यह भविष्य में चांद पर घर बसाने और वहां से मंगल (Mars) की यात्रा शुरू करने की पहली बड़ी सीढ़ी है. इस बार एस्ट्रोनॉट्स चांद पर केवल घूमने नहीं, बल्कि वहां रुकने की तैयारी करने गए हैं. इस मिशन में ओरियन कैप्सूल के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ का असली इम्तिहान होने वाला है. इस मिशन के माध्यम से यह पहली बार होगा, जब 4K वीडियो क्वालिटी में अंतरिक्ष से डेटा भेजा जाएगा, जो अपोलो के धुंधले वीडियो से मीलों आगे है.