Nitin Gadkari Ethanol Water Stove Claim: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक ऐसा दावा किया, जिससे LPG की जरूरत ही खत्म हो जाएगी. नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पानी में सिर्फ 7 फीसदी इथेनॉल मिलाकर स्टोव जैसी आग पैदा की जा सकती है, जिससे खाना पकाया जा सकता है. इस तकनीक से एलपीजी की जरूरत ही खत्म हो जाएगी, बल्कि यह LPG सिलेंडर से भी कहीं ज्यादा सस्ती भी होगी. लेकिन क्या पानी और इथेनॉल को मिलाने से सच में आग बन सकती है? या यह सिर्फ एक हवा-हवाई दावा है? आइए इसके पीछे के असली साइंस को समझते हैं.
क्या पानी में मिला इथेनॉल सच में जल सकता है?
क्या पानी में इथेनॉल मिलाने से आग पैदा हो सकता है और खाना पकाया जा सकता है? इसका सीधा जवाब है हां, लेकिन इसके लिए बहुत खास वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग कंडीशंस की जरूरत होती है. इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल होता है, जो बहुत ही तेजी से आग पकड़ता है. लेकिन जब इसे पानी में मिला दिया जाता है, तो कहानी पूरी बदल जाती है. विज्ञान के अनुसार, पानी इथेनॉल को भाप बनने से रोकने का काम करता है. वहीं इथेनॉल की मात्रा बहुत कम होगी, तो वह आग नहीं पकड़ेगा. यही कारण है कि बीयर जैसी ड्रिंक्स में अल्कोहल होने के बाद भी उनमें आग नहीं लगती.
जर्नल ऑफ लॉस प्रिवेंशन इन द प्रोसेस इंडस्ट्रीज की एक रिसर्च के अनुसार सामान्य तौर पर 7 प्रतिशत जैसे कम इथेनॉल वाले मिक्सचर में लगातार जलने वाली लौ बनाए रखना थोड़ा मुश्किल होता है. ज्यादातर जो इथेनॉल स्टोव मार्केट में मिलते हैं, उनमें 70 से 90% तक प्योर इथेनॉल का इस्तेमाल होता है, जिससे एलपीजी जैसी नीली लौ मिलती है.
तो गडकरी का दावा कैसे सच हो सकता है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि गडकरी का दावा तकनीकी रूप से तभी संभव है जब इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया हाई-टेक स्टोव प्रयोग में लाया जाए. आजकल के मॉडर्न इथेनॉल स्टोव में प्रेशर बर्नर या प्री हीटिंग सिस्टम जैसी तकनीक का इस्तेमाल हुआ होता है. यह तकनीक इथेनॉल को पहले ही भाप में बदल देती है, जिससे वह कम मात्रा में होने के बाद भी लगातार और सुरक्षित तरीके से जल सके.
क्या यह LPG से सस्ता होगा?
भारत में गन्ने और कृषि अवशेषों से इथेनॉल का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ रहा है. अगर यह तकनीक सफल होती है, तो एलपीजी सिलेंडर पर भारत की निर्भरता कम होगी. हालांकि, इसे किचन तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाना और इसके स्टोव की कीमत को कम रखना एक बड़ी चुनौती होगी. जानकारों के मुताबिक LPG की तुलना में एथेनॉल से खाना पकाना किफायती साबित हो सकता है.