Facebook और Instagram की पेरेंट कंपनी Meta अब भारत में अपने बिजनेस को बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. इसी कड़ी में अब कंपनी अपने AI फीचर्स को हिंदी भाषा में भी बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है. ऐसे में अब Mark Zuckerberg की कंपनी अमेरिका में ऐसे लोगों को हायर कर रही है जो खासतौर पर भारत के लिए AI चैटबॉट्स बना सकें. Meta का मकसद है ऐसे AI पर्सनैलिटी तैयार करना जो भारतीय संस्कृति से मेल खाते हों और जिन्हें Instagram, Messenger और WhatsApp जैसे ऐप्स में आसानी से इस्तेमाल किया जा सके.
हर घंटे इतना पैसा देगी Meta
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta जिन लोगों को नौकरी दे रही है, उनकी मिलने वाली सैलरी पर अगर बात करें तो कहा जा रहा है कि कंपनी इन लोगों को हर घंटे करीब 55 डॉलर यानी भारतीय करेंसी के मुताबिक लगभग 4,500 रुपये तक सैलरी दे रही है. इन लोगों को हिंदी के साथ-साथ इंडोनेशियन, स्पैनिश और पुर्तगाली जैसी भाषाओं पर भी अच्छी पकड़ होनी चाहिए. इतना ही नहीं, इन लोगों को भाषा के अलावा कैरेक्टर बनाने और कहानी लिखने का भी अनुभव होना चाहिए. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि Meta ऐसे AI चैटबॉट्स बनाने की तैयारी में है जो सिर्फ जानकारी न दें, बल्कि यूजर्स से दिलचस्प और पर्सनल अंदाज में बातचीत भी करें.
अलग होगा Meta का नया चैटबॉट
बताया जा रहा है कि Meta ये नया हिंदी AI चैटबॉट्स उसके पहले के सेलिब्रिटी-आधारित चैटबॉट्स से बिल्कुल अलग होने वाला है. पहले वाले चैटबॉट्स उतने सफल नहीं रहे थे, इसलिए अब कंपनी ने अपनी रणनीति बदल दी है. इस बार Meta खुद अपने कॉन्ट्रैक्टर्स को हायर कर रही है, ताकि काम पर पूरा कंट्रोल किया जा सके. कंपनी चाहती है कि जो चैटबॉट्स बनाए जाएं, वो स्थानीय लोगों की भाषा, सोच और संस्कृति से जुड़ सके, ताकि यूजर्स को बातचीत करते वक्त पर्सनल और भरोसेमंद अनुभव मिले.
एजेंसी की मदद से कर रही हायरिंग
बता दें कि Meta इस खास काम के लिए खुद लोगों को नहीं चुन रही, बल्कि इसके लिए वो कुछ स्टाफिंग एजेंसियों की मदद ले रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, Meta ने Crystal Equation और Aquent Talent जैसी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे ऐसे लोगों की भर्ती करे जो भारत के लिए AI चैटबॉट्स बनाने में मदद कर पाए.
Meta दे रही ऐप्स पर खास ध्यान
Meta अब अपने सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स में AI टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर ध्यान दे रही है. इसी बदलाव के तहत कंपनी नए AI चैटबॉट्स भी बनाने की कोशिश में है. इन चैटबॉट्स की संभावनाएं बहुत बड़ी हैं. ये यूजर्स को पर्सनल और स्मार्ट अनुभव दे सकते हैं. लेकिन इसके साथ कुछ खतरों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता. हाल ही में कई AI कंपनियों को ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जहां उनके चैटबॉट्स ने गलत या आपत्तिजनक बातें कह दीं या ऐसी पर्सनैलिटी बना दी जो विवादों में आ गई. बड़ी कंपनियां अब इस बात को लेकर जूझ रही हैं कि AI के लिए क्या सही है और क्या गलत.
Meta को इस तरह के लोगों की तलाश
Meta खासतौर पर हिंदी भाषा वाले AI चैटबॉट्स बनाने पर फोकस कर रही है, ताकि भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल यूजर्स से जुड़ सके. इसे बनाने को लेकर कंपनी का मकसद है ऐसे चैटबॉट्स तैयार करना जो लोगों को पर्सनल और मजेदार अनुभव दें, जिससे यूजर्स ज्यादा बातचीत करें और बार-बार Meta के प्लेटफॉर्म्स पर लौटें. Meta का AI बॉट पहले से ही Instagram, Facebook और WhatsApp पर मौजूद है, जो यूजर्स को कैप्शन, इमेज और दूसरे जरूरी कामों में मदद करता है. हालांकि, अब कंपनी चाहती है कि ये अनुभव हिंदी बोलने वाले यूजर्स के लिए और भी बेहतर.