China Space Mission: अंतरिक्ष की दुनिया में टाइमिंग सबसे ज्यादा अहम है. एक मिनट की लॉन्च में देरी या फिर स्पेसक्राफ्ट में एक छोटी सी दरार भी जानलेवा साबित हो सकती है. अगर एस्ट्रोनॉट्स स्पेस में जा रहे हों, तब तो किसी भी तरह का समझौता किया ही नहीं जा सकता.
चीन ने मंगलवार को तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे अपने तीन एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाने के लिए खाली शेनझोउ-22 स्पेसक्राफ्ट भेजा. तीनों अंतरिक्षयात्रियों के आगे छह महीने का मिशन है. लेकिन अब तक उनके पास वापसी के लिए कोई स्पेसक्राफ्ट नहीं है.
5 नवंबर को होनी थी वापसी
24 अप्रैल, 2025 को लॉन्च हुए शेनझोउ-20 मिशन में एस्ट्रोनॉट्स वांग जी, चेन झोंगरुई और कमांडर चेन डेंग छह महीने के क्रू रोटेशन मिशन के लिए तियांगोंग स्पेस स्टेशन गए थे. उन्हें 5 नवंबर को लौटना था, लेकिन माइक्रोमीटियोरॉइड के मलबे ने उनके ऑर्बिटल स्पेसक्राफ्ट को नुकसान पहुंचाया, जिससे वह एस्ट्रोनॉट्स को घर नहीं ला सका.
ये अंतरिक्षयात्री स्पेस में 9 दिन एक्स्ट्रा रहे, जिससे उनका अंतरिक्ष प्रवास 204 दिन का हो गया, जो किसी भी चीनी एस्ट्रोनॉट के लिए सबसे लंबा है.
31 अक्टूबर को, शेनझोउ-21 ने कमांडर झांग लू, वू फेई और झांग होंगझांग को ऑर्बिटिंग लैबोरेटरी के 10वें एक्सपीडिशन के हिस्से के तौर पर चीनी स्पेस स्टेशन पहुंचाया था.
चीन ने दिखाई तेजी
तेजी दिखाते हुए चीन ने 14 नवंबर को डॉक किए गए शेनझोउ-21 स्पेसक्राफ्ट पर फंसे हुए शेनझोउ-20 एस्ट्रोनॉट्स को धरती पर वापस भेजा. उन्होंने एस्ट्रोनॉट्स को उनके लौटने के तय समय से दो हफ्ते से भी कम समय में बचा लिया. कुछ दिन बाद चीन ने एक खाली शेनझोउ-22 स्पेसक्राफ्ट को स्पेस में भेजा ताकि 3 एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाया जा सके.
लेकिन नासा ने क्यों लिए 9 महीने?
आपको याद होगा कि 5 जून 2024 को नासा ने सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर को स्पेस में भेजा था. उनको 8 दिन के मिशन पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर रहना था. लेकिन तभी स्टारलाइनर के थ्रस्टर्स में खराबी आ गई, जिसके उनके वापस आने के दरवाजे बंद हो गए. महीनों तक इसे ठीक करने का काम चलता रहा. लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद सितंबर 2024 में स्टारलाइनर बिना क्रू के ही धरती पर लौट आया. सुनीता और विलमोर आईएसएस पर ही रह गए. उनको वहां 286 दिन रुकना पड़ा.
NASA का इरादा उन्हें SpaceX के क्रू ड्रैगन से क्रू-9 मिशन से घर वापस लाने का था, जिसे उनकी वापसी के लिए दो खाली सीटों के साथ लॉन्च किया गया था.
हालांकि, वह तुरंत नहीं जा सका क्योंकि उनके जाने से ISS क्रू ऑपरेशन के लिए जरूरी मिनिमम से कम हो जाता. वे मार्च 2025 में क्रू-10 के आने तक वहीं रहे, और आखिरकार लॉन्च होने के लगभग नौ महीने बाद 18 मार्च 2025 को फ्लोरिडा कोस्ट से धरती पर लौटे.
चीन ने क्यों दिखाई इतनी तेजी?
चीन ने अपने एस्ट्रोनॉट्स को घर लाने के लिए तेजी से कदम उठाया, क्योंकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की तुलना में तियागोंग स्पेस स्टेशन उसके पांचवे हिस्से के बराबर है. उसे छह एस्ट्रोनॉट्स को लंबे समय तक आराम से सपोर्ट करने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है.
बीजिंग के स्पेस प्रोग्राम को तेजी से फैसले लेने और एक आसान चेन ऑफ कमांड का भी फायदा मिलता है, जिससे चीन मैन्ड स्पेस एजेंसी इंटरनेशनल कोलेबोरेशन में आम देरी के बिना काम कर पाती है. US के उलट, चीन मिशन क्लियरेंस या डॉकिंग शेड्यूल के लिए विदेशी पार्टनर्स पर निर्भर नहीं है. इसके उलट, ISS कई देशों के एस्ट्रोनॉट्स को होस्ट करता है, जिससे कोऑर्डिनेशन मुश्किल हो जाता है और पोर्ट की उपलब्धता जरूरी हो जाती है.
स्टारलाइनर की नाकामी ने NASA की कमर्शियल पार्टनरशिप, खासकर बोइंग के साथ, में कमजोरियों को दिखाया और अमेरिकी ह्यूमन स्पेसफ्लाइट के सामने अभी भी बड़ी चुनौतियों की ओर इशारा किया.