ना सिर्फ पेपर लीक, बल्कि बच्चों के अश्लील वीडियो भी…Telegram पर सरकार ने कोर्ट में क्या-क्या आरोप लगाए?

Telegram ban in India: NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन से ठीक पहले भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी बैन लगाया गया है, जिसके खिलाफ टेलीग्राम कोर्ट पहुंच गया है. इस कानूनी मामले के बीच अब केंद्र सरकार दिल्ली हाई कोर्ट में टेलीग्राम को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. सरकार का दावा है कि टेलीग्राम देश की सुरक्षा और डेटा शेयरिंग को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है.

इसके साथ ही सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर टेलीग्राम को लेकर कई चौंकाने वाले और गंभीर खुलासे किए हैं. सरकार का कहना है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी और अवैध कंटेंट के साथ ही टेलीग्राम अब अपराधियों के लिए नया डार्क वेब बनता जा रहा है, जहां कानून से बचने के लिए इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में चर्चा उठ रही है कि क्या सरकार हमेशा के लिए बैन लगा सकती है?

अचानक नहीं लिया गया फैसला
इससे पहले बुधवार को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने अपने फैसले का बचाव किया. सरकार की ओर से बोलते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट को बताया कि टेलीग्राम के खिलाफ यह एक्शन रातोंरात नहीं लिया गया है. हम मई के महीने से ही टेलीग्राम के साथ इस मामले पर बातचीत कर रहे हैं. मई से ही हमें लगातार शिकायतें मिल रही थीं.
उन्होंने कोर्ट में यह भी कहा कि सरकार के पास ऐप के दुरुपयोग से जुड़े चौंकाने वाले सबूत और आंकड़े मौजूद हैं, जिन्हें वे कोर्ट के सामने पेश करेंगे. सरकार ने यह कार्रवाई आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत अपनी इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए की है.

टेलीग्राम का क्या कहना है?
दूसरी ओर, टेलीग्राम ने सरकार के इस फैसले को मनमाना और जरूरत से ज्यादा सख्त बताया है. टेलीग्राम के सीनियर लायर ध्रुव मेहता ने दलील दी कि कंपनी ने सरकार का पूरा सहयोग किया है और अधिकारियों द्वारा बताए गए चैनल्स को ब्लॉक भी किया है. टेलीग्राम का कहना है कि इस तरह के अस्थायी प्रतिबंध से देश के करोड़ों आम यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं, जो कि एक तरह से ब्लैंकेट बैन यानी पूरी तरह से प्रतिबंध के जैसा है.

सरकार ने लगाए ये बड़े आरोप
कोर्ट में दिए हलफनामे के मुताबिक, टेलीग्राम चैनल्स का इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफी को फैलाने के लिए किया जा रहा है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है.

साइबर फ्रॉड और डेटा लीक
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार ने बताया है कि टेलीग्राम के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से उछाल आया है. यहां नकली पहचान बनाकर वित्तीय घोटाले किए जा रहे हैं और हैक किया गया डेटा बेचा जा रहा है.

सेंसिटिव डेटा और बॉट्स का खेल
सरकार ने यह भी चिंता जाहिर की है कि टेलीग्राम बॉट्स के जरिए भारतीय नागरिकों का प्राइवेट डेटा, जैसे मोबाइल नंबर और दूसरी संवेदनशील जानकारियां आसानी से लीक की जा रही हैं.

पेपर लीक और टेरर प्रोपेगैंडा
NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं के लीक पेपर सर्कुलेट करने से लेकर आतंकवादी संगठनों द्वारा हिंसा भड़काने और गलत अफवाहें फैलाने के लिए भी इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हो रहा है.