Science News: अक्सर हम किसी न किसी ग्रह के बारे में पढ़ते रहते हैं या ग्रहों के बारे में हमें जानकारी मिलती रहती है. ग्रहों का आकार हमेशा से चर्चा में रहा है, इनके आकार पर लोगों का अलग- अलग तर्क है. कभी आपने सोचा है कि ग्रहों का आकार कैसे होता है? कुछ लोगों को पता होगा, जिन्हें जानकारी होगी वो इस सवाल में फंस जाते हैं कि आखिर ग्रहों का आकार गोल क्यों होता है? इसके पीछे की क्या वजह है? अगर आप भी जानना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
धरती, सूर्य, चंद्रमा जैसे ग्रह गोल क्यों होते हैं अक्सर ये इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना रहता है. इसे लेकर आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी आफ सदर्न क्वींसलैंड के एस्ट्रोफिजिक्स के प्रोफेसर ने बीते दिन रिसर्च करके इसके बारे में जानकारी दी थी.
उनके मुताबिक ग्रहों जैसी बड़ी संरचनाओं के की गोल आकृति के पीछे गुरुत्वाकर्षण बल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. किसी ग्रह के बड़े होने के साथ-साथ उसकी ग्रैविटी भी बढ़ती जाती है.
ग्रैविटी कणों को केंद्र की तरफ खींचती है. इसके अलावा इस पर भी निर्भर होता है कि ग्रह किससे बना है. अगर हम सूर्य की बात करें तो ये हीलियम और हाइड्रोजन से बना है, जिसकी वजह से इसका गोल आकार लेना आसान है.
जानकारों ने ग्रहों के गोल आकार के पीछे ग्रैविटी के साथ-साथ घूर्णन को भी अहम वजह माना है. उनका कहना है कि जब भी किसी पिंड का द्रव्यमान बढ़ता है तो घूर्णन की शक्ति भी काम करने लगती है, ऐसे में चीज अपनी जगह पर घूमने लगती है और फिर ये प्रक्रिया गोलाकार आकृति को निश्चित कर देती है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पृथ्वी को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि ये एक बड़ा गोला है. यहां पर कुछ भाग उठा है और कुछ भाग धंसा है, ये चिकना गोला नहीं है.