जिस ‘बाहुबली’ से पाकिस्तान को धो डाला था, अब भारत खरीदेगा उसका ‘बाप’, कहलाता है हथियारों का गॉडफादर

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भारत इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है. बताया जा रहा है कि भारत रूस से और S-400 या नया S-500 सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सोमवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी. रिपोर्ट में डिफेंस और सिक्योरिटी अफसरों के हवाले से कहा गया कि दोनों सिस्टम खरीदने को लेकर विचार चल रहा है.

एक अधिकारी ने बताया,’ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. इसकी बड़ी डिटरेंस (रोकथाम) और पनिटिव (प्रति-हमला) क्षमता है. हां, हम या तो और S-400 लेने या फिर S-500 खरीदने पर विचार कर रहे हैं.’

भारत ने 2018 में 5 यूनिट S-400 खरीदने का 5.43 अरब डॉलर का करार किया था. इसमें आगे और 5 यूनिट लेने का विकल्प भी शामिल है, जिसकी कीमत महंगाई और मुद्रा विनिमय दर के मुताबिक तय होगी. अब तक 4 सिस्टम भारत को मिल चुके हैं और आखिरी यूनिट रूस सितंबर 2026 तक सौंपेगा.

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने Reportedly पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान गिराए. लगभग 300 किलोमीटर दूरी से एक AEW&C/ELINT प्लेटफॉर्म को मार गिराया. वायुसेना चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इसे ‘इतिहास में अब तक की सबसे लंबी सतह से हवा में मार करने वाली कार्रवाई’ बताया और कहा कि यह सिस्टम भारतीय एयर डिफेंस के लिए गेम-चेंजर है.

भारत की S-500 में दिलचस्पी पहले से रही है लेकिन रूस उस समय इसे बेचने को तैयार नहीं था क्योंकि यह अपने देश में ही सीमित तौर पर शामिल हो रहा था लेकिन हालात अब बदल सकते हैं.

रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव ने दिसंबर 2021 में कहा था कि अगर भारत अपनी इच्छा जाहिर करता है तो वह इस आधुनिक हथियार को खरीदने वालों की सूची में सबसे पहला होगा.

रूस के रक्षा मंत्रालय ने 2021 में बताया था कि S-500 ने कपुस्टिन यार टेस्ट साइट पर एक तेज रफ्ताव वाले बैलिस्टिक टारगेट को सफलतापूर्वक मार गिराया. यह सिस्टम भविष्य के सभी हवाई खतरों- जैसे बैलिस्टिक मिसाइल, हाइपरसोनिक हथियार और लो-फ्लाइंग क्रूज मिसाइल का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है.

S-500 की क्षमताएं:

बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ दुश्मन के विमानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया. एंटी-बैलिस्टिक रोल में इसकी रेंज 600 किलोमीटर तक है और एयर डिफेंस रोल में 500 किलोमीटर तक.

यह 180–200 किलोमीटर ऊंचाई पर टारगेट हिट कर सकता है. इसके अलावा एक साथ 10 हाइपरसोनिक बैलिस्टिक टारगेट ट्रैक कर सकता है. इसमें एंटी-बैलिस्टिक और एंटी-सैटेलाइट क्षमता भी है.