टॉयलेट फ्लश में दो बटन! कोई डिजाइन नहीं, ये है इसके पीछे का बड़ा कारण

Toilet Flush System: घर, ऑफिस, स्कूल-कॉलज या होटल-रेस्टोरेंट, हम रोजाना न जानें कितनी जगहों का टॉयलेट इस्तेमाल करते हैं. वहीं एक समय था, जब हर जगह इंडियन कमोड हुआ करता था, लेकिन आज ज्यादातर जगहों पर वेस्टर्न कमोड लगाए हुए हैं. ऐसे में आपका ध्यान कमोड के फ्लश पर लगी एक नहीं बल्कि दो बटन पर जरूर गया होगा और आपने ये भी जरूर सोचा होगा कि दो बटन क्यों लगाए गए हैं? इस खबर में हम आपको इसका जवाब देंगे..

कमोड के फ्लश में क्यों दिए गए दो बटन?
वेस्टर्न कमोड के फ्लश में दो बटन दिए जाते हैं, इसका बड़ा कारण पानी की बचत है. ज्यादातर घरों, छोटे-छोटे दुकानों या होटलों में यूरिनल नहीं होता है, इसलिए पेशाब और मल त्याग करने के लिए टॉयलेट का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में पेशाब करने के बाद ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. इसलिए इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए ड्यूल फ्लश सिस्टम बनाया गया है.

छोटे बटन का काम?
फ्लम में दो बटन लगे होते हैं, एक छोटा दूसरा बड़ा. ऐसे में छोटा बटन लिक्विड वेस्ट यानी पेशाब को फ्लश करने के लिए होता है. इस बटन को दबाने से लगभग 3 लीटर पानी निकलता है, जो लिक्विड वेस्ट को साफ करने के लिए काफी होता है. इसके इस्तेमाल से पानी ज्यादा बर्बाद नहीं होता.

बड़े बटन का इस्तेमाल?
वहीं दूसरी तरफ बड़ा बटन मल त्याग के लिए होता है. इसे ठोस वेस्ट के बाद इस्तेमाल किया जाता है. इसे दबाने से लगभग 6 लीटर पानी निकलता है. यह ठोस गंदगी को साफ करना है, इसलिए इसमें ज्यादा पानी की जरूरत होती है.

दोनों बटन एक साथ दबाने से क्या होता है?
कई लोगों को दो बटन के पीछे का कारण नहीं पता होता है. ऐसे में वे दोनों बटन एक साथ दबा देते हैं. ऐसा करने से जरूरत से ज्यादा पानी बर्बाद हो जाता है. एक साथ दोनों बटन दबाने का मतलब है ज्यादा पानी निकलना. ऐसे में सही तरीका यहीं है कि आप जरूरत के हिसाब से सही बटन का इस्तेमाल करें.