Why Car Tyres Burst in Summer: मई-जून की भयंकर गर्मी और 45 डिग्री का टॉर्चर शुरू हो गया है. इस जानलेवा गर्मी में इंसान ही नहीं, बल्कि बाइक और कार भी ‘हांफने’ लगती हैं. ऐसे में रोड एक्सीडेंट की खबरें खूब सामने आ रही है, रफ्तार पकड़ते ही गाड़ियों के टायर बम की तरह फट रहे हैं. पलक झपकते ही हंसता-खेलता परिवार हादसे का शिकार हो जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपको मंजिल तक पहुंचाने वाले ये पहिए अचानक फट क्यों रहे हैं? अगर आप भी इस भयंकर गर्मी में कहीं लॉन्ग ट्रिप या हाईवे के सफर पर निकलने वाले हैं, तो यह खबर सिर्फ आपके लिए है. सफर शुरू करने से पहले जान लीजिए टायरों को कूल रखने का वो सीक्रेट फॉर्मूला, जो आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकता है.
क्यों बम की तरह फट जाते हैं टायर?
जब तेज धूप और गर्मी के कारण पारा 42-45 डिग्री को भी पार कर जाता है, तो डामर की सड़कों का तापमान और भी ज्यादा हो जाता है. इसका कारण है कि डामर की सड़कें धूप से गर्म हो जाती हैं. जब तपती सड़क पर गाड़ी लगातार दौड़ती है, तो घर्षण यानी Friction के कारण से टायरों के अंदर ज्यादा गर्मी पैदा होती है. इस हीट के कारण टायर के अंदर मौजूद हवा फैलने लगती है और एयर प्रेशर खरतनाक लेवल तक बढ़ जाता है. साथ ही ज्यादा गर्मी के कारण से टायर का रबर भी कमजोर होने लगता है. अगर टायर पहले से पुराना या डैमेज है, तो वह इस प्रेशर को झेल नहीं पाता है और अचानक फट जाता है.
टायर फटने के पीछे का कारण
अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा हवा भरने से माइलेज ज्यादा मिलेगा, इसी चक्कर में टायरों में हवा जरूरत से ज्यादा भरते हैं. लेकिन गर्मियों में ज्यादा हवा सबसे खतरनाक है. गर्मी से हवा फैलती है और टायर ब्लास्ट हो जाता है. वहीं, कम हवा होने पर टायर सड़क से ज्यादा रगड़ खाता है, जिससे वह जल्दी गर्म हो जाता है.
पुराने और घिसे हुए टायर
भारत में कई लोग टायर पूरी तरह घिसने या 5-6 साल पुराने होने के बाद भी उन्हें नहीं बदलते. पुराना रबर अंदर से कमजोर हो जाता है. टायर की साइडवॉल यानी किनारों पर दरारें या उभार इसके फटने के शुरुआती इशारे हो सकते हैं.
ओवरलोडिंग
फैमिली ट्रिप के चक्कर में लोग अक्सर गाड़ी की डिग्गी और केबिन को सामान से बहुत ज्यादा भर देते हैं. ज्यादा वजन का मतलब है टायरों पर ज्यादा प्रेशर और ज्यादा हीट.
हाईवे पर लगातार तेज स्पीड में गाड़ी चलाने से टायर तेजी से घूमते हैं और उन्हें ठंडा होने का मौका नहीं मिलता. दोपहर की धूप में यह स्थिति और खतरनाक हो जाती है.
टायर को कूल रखने का सक्सेस फॉर्मूला
टायर बनाने वाली कंपनियों के अनुसार ही टायर मे हवा का प्रेशर रखना चाहिए. हर गाड़ी के दरवाजे या फ्यूल कैप के पास सही एयर प्रेशर लिखा होता है. गर्मियों में हर दो हफ्ते में और किसी भी लंबे सफर पर जाने से पहले ठंडे टायरों का प्रेशर चेक करना बहुत जरूरी होता है.
हाईवे पर लें कूलिंग ब्रेक
दोपहर के समय लंबी ड्राइव कर रहे हैं, तो हर 100-150 किलोमीटर के बाद गाड़ी को रोककर थोड़े समय के लिए ब्रेक लें. इससे टायरों को ठंडा होने का समय मिल जाता है. ध्यान रहे, गर्म टायर पर कभी भूलकर भी पानी न डालें, इससे रबर तुरंत चटक सकता है.
खराब अलाइनमेंट के कारण से भी टायर एक तरफ से ज्यादा घिसते हैं. ये घिसे हुए हिस्से गर्मी में सबसे पहले जवाब देते हैं. इसलिए समय पर अलाइनमेंट कराएं.
सफर पर निकलने से पहले टायरों को जरूर चेक करें, कहीं कोई कील या छोटा कट तो नहीं है. गर्मी के मौसम में ये छोटे कट्स बड़े ब्लास्ट की वजह बन जाते हैं.